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लूटे गये हथियारों को लौटाने की अंतिम चेतावनी

राष्ट्रपति शासन के बदले तेवर में राज्यपाल की नई चेतावनी

राष्ट्रीय खबर

गुवाहाटीः मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार (20 फरवरी, 2025) को सभी समुदायों के सदस्यों से अपील की कि वे लूटे गए पुलिस के हथियार और अवैध रूप से रखे गए हथियार सात दिनों के भीतर नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करा दें। उन्होंने कहा कि अगर हथियार जमा नहीं कराए गए तो हथियार रखने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। श्री भल्ला ने एक बयान में कहा, मणिपुर के घाटी और पहाड़ी दोनों इलाकों के लोगों को पिछले 20 महीनों से शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने वाली दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की वजह से भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सामान्य स्थिति बहाल करने के व्यापक हित में, राज्य के सभी समुदायों को शत्रुता को समाप्त करने और समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे आना चाहिए।

श्री भल्ला ने कहा, इस संबंध में मैं सभी समुदायों के लोगों, विशेषकर घाटी और पहाड़ियों के युवाओं से ईमानदारी से अनुरोध करता हूं कि वे स्वेच्छा से आगे आएं और लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों और गोला-बारूद को आज [गुरुवार] से अगले सात दिनों के भीतर निकटतम पुलिस स्टेशन / चौकी / सुरक्षा बलों के शिविर में जमा करें।

इन हथियारों को वापस करने का आपका एक भी कार्य शांति सुनिश्चित करने की दिशा में एक शक्तिशाली इशारा हो सकता है। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि यदि ऐसे हथियार निर्धारित समय के भीतर वापस कर दिए जाते हैं तो कोई दंडात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी। इसके बाद, ऐसे हथियार रखने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने अपील की, आइए हम एक उज्जवल भविष्य के लिए आशा और विश्वास के साथ अपने राज्य का पुनर्निर्माण करें। आगे आएं और शांति का चुनाव करें। 3 मई 2023 को राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद 6,000 से अधिक पुलिस हथियार लूट लिए गए। हालांकि राज्य सरकार द्वारा पहले भी हथियार जमा करने की इसी तरह की अपील की गई थी, लेकिन जनता से केवल 2,000 हथियार ही बरामद किए जा सके।