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भारतीय रुपये के अवमूल्यन पर प्रियंका का बयान

नरेंद्र मोदी के पुराने बयान को हथियार बनाकर हमला

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः शुक्रवार को डॉलर पहली बार 86 रुपये का आंकड़ा पार कर गया। एक डॉलर की कीमत 86.04 रुपये है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में चिंता उत्पन्न हो रही है। इस बार विपक्ष ने देश की मुद्रा में गिरावट को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। शनिवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, रुपये का मूल्य ऐतिहासिक निम्नतम स्तर पर है।

जब मनमोहन सिंह के कार्यकाल में डॉलर की कीमत 58-59 थी, तब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रुपये के मूल्य को उसकी प्रतिष्ठा से जोड़ने के लिए केंद्र की आलोचना की थी। अब जब वे प्रधानमंत्री हैं तो पैसा सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। इसलिए उन्हें देश की जनता को इसका जवाब देना चाहिए। अब उसी बयान को आधार बनाकर कांग्रेस नेत्री ने प्रधानमंत्री से भारतीय मुद्रा की इस दयनीय स्थिति पर बयान देने के कहा है।

सूत्रों का कहना है कि मोदी ने रुपये में गिरावट पर मनमोहन सिंह की चुप्पी के बारे में कहा था, ‘रुपया और प्रधानमंत्री दोनों ही अवाक हो गए हैं।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि जब सरकार बेईमान और भ्रष्ट होती है तो देश की मुद्रा का अवमूल्यन होता है। हालांकि, केंद्र का कोई भी नेता या मंत्री डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट के मौजूदा स्तर पर बोलते नजर नहीं आया।

इस स्थिति में कांग्रेस का पलटवार अपेक्षित ही था। प्रियंका के इस आक्रामक बयान के बाद भी भाजपा की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। वरना आम तौर पर इस किस्म के बयान पर भाजपा के नेता तुरंत ही अपनी तरफ से इन बातों का खंडन करने से पीछे नहीं हटते। इस बार चूंकि खुद मोदी के पुराने बयान को ही आधार बनाया गया है, इसलिए भाजपा के लिए इस पर नये सिरे से कुछ कहना कठिन हो गया है।