Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chatra News: चतरा में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबने से मां और दो बेटियों की मौत; चंद मिनट में उजड़ ... Police Action: SP की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हंसना ASI को पड़ा भारी, अनुशासनहीनता के आरोप में ... Postmaster Suicide: सट्टे के कर्ज में डूबे पोस्टमास्टर ने दोस्त के घर दी जान, लेनदारों के दबाव में ख... Himachal Weather Update: हिमाचल में कहीं बर्फबारी तो कहीं कड़ी धूप, पर्यटकों के लिए अगले 3 दिन हैं स... Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात, 3 साल की बेटी को फंदे से लटकाने के बा... Chardham Yatra Weather Update: चारधाम यात्रा के बीच मौसम का अलर्ट, केदारनाथ-बद्रीनाथ में बर्फबारी की... Owaisi in Gujarat: बंटवारे के लिए मुसलमान नहीं कांग्रेस जिम्मेदार, ओवैसी बोले- बीजेपी को सिर्फ AIMIM... UP IAS Transfer List 2026: यूपी में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 40 IAS अफसरों के तबादले; 15 जिलों... Kanpur Double Murder: कानपुर में जुड़वा बेटियों की हत्या, कातिल पिता का कबूलनामा- 'रात 2:30 बजे तक ज... Weather Update: यूपी में 45 डिग्री पहुंचा पारा, दिल्ली में लू का अलर्ट; जानें बिहार, राजस्थान और एमप...

रांची में सफाई और सिवरेज को लेकर नाराज लोग

भाजपा का घुसपैठियों का मुद्दा कई सीटों पर असरहीन

  • घुसपैठिया मुद्दा बैकफायर करता दिख रहा

  • नाली गली को लेकर उपजी है नाराजगी

  • शिक्षित वर्ग राजधानी की हालत से नाराज

राष्ट्रीय खबर

रांचीः भाजपा द्वारा बार बार बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा शायद राजधानी रांची में बैकफायर कर रहा है। राज्य की राजधानी होने की वजह से अनेक पढ़े लिखे लोगों का असली सवाल है कि क्या यही किसी राज्य की राजधानी की सफाई और स्वच्छता का हाल होता है। शायद इसी वजह से राज्य के सबसे पुराने विधायक अपने वोट बैंक के एक हिस्से का आंतरिक विरोध झेल रहे हैं।

बता दें कि रांची के मौजूदा विधायक सीपी सिंह अविभाजित बिहार (1996 से) के बाद से भाजपा के टिकट पर इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इस बार सातवीं बार जीतने की आकांक्षा रखते हैं। उनका सीधा मुकाबला झामुमो की राज्यसभा सांसद महुआ माजी से है, जो 2019 में केवल 5,904 वोटों के अंतर से हारी थीं।

इसलिए झारखंड में भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित सीटों में से एक मानी जाने वाली रांची विधानसभा सीट पर राज्य के गठन के बाद से सबसे करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। पढ़े लिखे वर्ग के वोटरों में शहर की स्थिति और राजधानी की सच्चाई का मुद्दा प्रमुख है। दरअसल सिवरेज प्रणाली की वजह से भी वर्तमान विधायक लोगों की नाराजगी के केंद्र में है।

लिहाजा लोगों में से कई ने साफ साफ कहा कि ऐसा जनप्रतिनिधि होना चाहिए जो कमसे कम इस शहर को राजधानी कहने लायक बना सके। ऐसी राय देने वालों में रांची के अलावा हटिया सीट के भी मतदाता है, जहां नवीन जयसवाल भी दूसरी बार मैदान में भाजपा के टिकट पर हैं। एक ऐसे ही वोटर  ने कहा स्मार्ट सिटी को भूल जाइये।

मामूली बारिश के दौरान रांची का क्या हाल होता है, यह बड़ा सवाल है। अगर राज्य गठन के पच्चीस साल करीब पूरे होने के बाद भी यही हाल है तो यह किसकी अक्षमता है। थोड़ी सी बारिश भी खराब जल निकासी प्रबंधन के कारण जलभराव का कारण बनती है। अपशिष्ट प्रबंधन भयानक है, अक्सर ट्रैफिक जाम रहता है और अधिकांश गलियों में गड्ढे हो गए हैं।

दुर्भाग्य से, हमारे पास राज्य में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले विधायक हैं। रांची एक पठार है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से हमारे यहां हल्की बारिश के बाद भी जलभराव की समस्या बनी रहती है। लगभग सभी प्रमुख सड़कों पर नाले का पानी फैलना एक आम बात है। एक व्यवसायी ने कहा, हमें एक ऐसे नेता की जरूरत है जो कम से कम विधायक निधि का इस्तेमाल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कर सके, न कि वोट की राजनीति में लिप्त हो। वह शहर के विकास के लिए एक नए दृष्टिकोण वाले नेता चाहते हैं।

कांटाटोली में फ्लाईओवर शुरू करने और रातू और सिरमटोली में अन्य फ्लाईओवर के लिए पूरी गति से निर्माण कार्य और झिरी में अपशिष्ट से ऊर्जा अपशिष्ट रीसाइक्लिंग प्लांट के संचालन में मदद करने के लिए मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार की प्रशंसा की, जिससे शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।

फिरायालाल चौक पर मिले एक ऑटो चालक अपनी पसंद को लेकर स्पष्ट थे। महतो ने कहा, इस बार परिवर्तन पक्का है। पुराने विधायक हार रहे हैं। रांची सीट पर 24 फीसदी मुस्लिम मतदाता, 14 फीसदी आदिवासी (ईसाई सहित) मतदाता और 4 फीसदी एससी मतदाता हैं। लिहाजा इस बार सीपी सिंह पुराने समीकरणों के अलावा अपने लंबे कार्यकाल से उपजी नाराजगी से भी जूझ रहे हैं।

पुरानी रांची में कई देशी शराब और हंडिया के स्थायी ठिकाने हैं। इन ठिकानों से निकलने वाले भी चौराहे पर आपस में राजनीतिक चर्चा करते पाये गये। इनमें चुनाव को लेकर मतभेद भी है। इसके बाद भी ऐसे तमाम शराबी इस अजीब बात को लेकर नाराज हैं कि सीपी सिंह ने पोस्टर में अपनी पुरानी तस्वीर क्यों लगायी है। उन्हें अपने हाल का फोटो लगाना चाहिए था।