Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

हिल्सा नहीं देंगे पर अंडा,प्याज और आलू चाहिए

बांग्लादेश के जिद से कारोबारी रिश्ता बिगड़ने की नौबत

  • भारतीय कारोबारी इस फैसले से काफी नाराज

  • आलू और प्याज का निर्यात भारत से होता है

  • सरकार बदलने के बाद नई सरकार का फैसला

राष्ट्रीय खबर

 

शिलिगुड़ीः दुर्गापूजा जैसे त्योहार में बांग्लादेश से हिल्सा मछली नहीं आयेगी। दरअसल सत्ता परिवर्तन के बाद माहौल कुछ ऐसा बन गया है, जिससे दोनों देशों के कारोबारी रिश्ते भी बिगड़ सकते हैं। भारत ने अपनी तरफ से अंडों की बड़ी खेप भेजी है। इसके बाद भी बांग्लादेश सरकार ने इस बार हिल्सा मछली भेजने से साफ इंकार कर दिया है।

दलील है कि इसकी घरेलू मांग बहुत अधिक है और देश की मांग को नजरअंदाज कर हिल्सा मछली नहीं भेजा जा सकता। दूसरी तरफ मुहम्मद यूनुस की सरकार ने आलू और प्याज के निर्यात को सामान्य रखने का अनुरोध किया। बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद पद्मा हिल्सा इस बार पश्चिम बंगाल में प्रवेश नहीं कर रही है। हालाँकि, राज्य से बांग्लादेश को चिकन अंडे का निर्यात किया गया है।

जिसके बाद उस देश में मध्यम आय वर्ग के इस प्रोटिन को आधे दाम पर बेचा जा रहा है। दूसरी ओर, घरेलू मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बंगाल से विदेशों में आलू के निर्यात को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। हालाँकि, हिल्सा मुद्दे पर भारत के गुस्से को ध्यान में रखते हुए यूनुस सरकार ने पहले ही खेद व्यक्त किया और आलू और प्याज के निर्यात को सामान्य रखने का अनुरोध किया।

इसके अलावा, उनका दावा है कि हिल्सा जैसे मामूली मुद्दों का भारत-बांग्लादेश राजनयिक और आर्थिक संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बांग्लादेश के बाजार में प्रति किलो आलू की मौजूदा कीमत लगभग 70 टका है। प्याज 140 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पिछली हसीना सरकार के दौरान आलू की कीमत 40-45 टका के आसपास थी।

फिर भी प्याज की कीमतें शतक के पार नहीं पहुंची हैं। इस बीच, बांग्लादेश में व्यापारियों के साथ एक बैठक में वहां के व्यापारिक हलकों ने कहा कि घरेलू बाजार में आलू और प्याज की कीमत पूरी तरह से भारत से आयात पर निर्भर है।

मौजूदा यूनुस सरकार ने भारत की अंडे, आलू और प्याज की मांग के बावजूद त्योहारी सीज़न के दौरान भारत में हिल्सा निर्यात करने के फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया है।

बांग्लादेश की मत्स्य पालन सलाहकार फरीदा अख्तर ने भारत के फिश इम्पोर्टर्स एसोसिएशन द्वारा भेजे गए पत्र पर खेद व्यक्त किया, जिसमें हसीना के कार्यकाल के दौरान दुर्गा पूजा के दौरान हिल्सा भेजने के मुद्दे को उजागर किया गया था।

बढ़ी कीमत के कारण हिल्सा बांग्लादेश के आम लोगों की क्रय शक्ति से बाहर हो गई है।

सरकार देश के अंदर इस मछली की कीमत को नियंत्रित रखना चाहती है। इसी वजह से भारत निर्यात पर रोक लगी है।

बांग्लादेश के हिली भूमि बंदरगाह के संयंत्र संदूषण नियंत्रण केंद्र के उप सहायक अधिकारी यूसुफ अली ने पिछले शुक्रवार को लिखित रूप में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि देश के बाजार में आलू की कीमत सामान्य रखने के लिए बंदरगाह के 10 व्यापारियों को आलू आयात करने की अनुमति दी गई है।

बांग्लादेश में आलू आयातकों में से एक के अधिकारी ने बताया कि देश के बाजार में आलू की कीमत को नियंत्रित करने का भारत से आयात के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

उन्होंने कहा, सरकार को आवश्यक वस्तुओं पर भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए। अगर भारत से आलू आयात किया जाए तो देश के बाजार में कीमत काफी कम हो जाएगी, इसे लेकर बांग्लादेश के कारोबारी आशान्वित हैं।