Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गैंगस्टरवाद के खिलाफ मान सरकार की मुहिम को मिल रहा है लोगों का भारी समर्थन: बलतेज पन्नू शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल: आप ने भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों को पंजाब के हर घर तक पहुंचाया Census 2027 India Update: जनगणना 2027 की तैयारी अंतिम दौर में; 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, जाति ... पश्चिम बंगाल में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम SIR लिस्ट से गायब; कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा- अब सीधे सुप्... LPG Crisis in India Update: संकट के बीच भारत पहुंच रहे LPG के दो विशाल जहाज; लदा है 94,000 टन गैस, म... Delhi-Agra Highway Accident: दिल्ली-आगरा हाईवे पर रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा; पुल की रेलिंग तोड़... Mumbai Dabbawala Service Closed: मुंबई में 6 दिन नहीं पहुंचेगा टिफिन; 4 अप्रैल तक डब्बेवालों की सर्व... 'घर में अकेली थी किशोरी, अंदर घुसे ASI और...'; पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप, जांच शुरू Delhi-NCR Rain Update Today: दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश; 14 राज्यों में मौसम का अलर... Bhopal Hotel Owner Murder News: भोपाल में 'बेटा' कहने पर भड़का युवक; होटल मालिक की चाकू से गोदकर बेर...

कनहर बराज परियोजना में देरी से हाईकोर्ट नाराज

मुख्य सचिव सहित चार सचिवों को किया गया तलब


  • पलामू के लोगों को होगा इससे फायदा

  • बार बार अटक रहा है इसका काम

  • अब जमीन विवाद का पेंच


रांची : पलामू प्रमंडल की कनहर बराज परियोजना में देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बुधवार को पहली पाली में मुख्य सचिव, वित्त सचिव, वन सचिव और जल संसाधन सचिव को तलब किया। चारों अधिकारी दूसरी पाली में सशरीर कोर्ट में हाजिर हुए।

कोर्ट ने मुख्य सचिव को कनहर बराज परियोजना पूरा करने को लेकर टाइम फ्रेम प्रस्तुत करने एवं कनहर बाराज के पूरा नहीं होने तक गढ़वा, पलामू के लोगों को लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। मामले के अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। 020 में सरकार ने 5 साल में परियोजना पूरा करने का टाइमलाइन दिया था।

पलामू एवं गढ़वा में सिंचाई के लिए प्रस्तावित कनहर बराज परियोजना में देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी की जताई है। कोर्ट ने प्रथम पाली में मामले में मुख्य सचिव, जल संसाधन सचिव, वन सचिव और वित्त सचिव को कोर्ट में तलब किया। इसके बाद यह ये सभी अधिकारी कोर्ट में द्वितीय पाली में सशरीर उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे मौखिक कहा कि वर्ष 2020 में राज्य सरकार ने 5 साल में इस परियोजना को पूरी होने का टाइमलाइन दिया था, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा है।

इससे पहले राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर कनहर बराज परियोजना को पूरा करने को लेकर 8 साल का समय मांगा गया, कोर्ट ने शपथ पत्र स्वीकार नहीं किया और कहा कि राज्य सरकार की ओर से बार-बार शपथ पत्र दाखिल किया जा रहा है, लेकिन अब तक पर कनहर बराज परियोजना को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।

2009 से कनहर परियोजना को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई 2024 तक चल रही है, लेकिन राज्य सरकार कनहर बराज परियोजना को लेकर उदासीन बनी हुई है। सरकार द्वारा 2020 में इस परियोजना को 5 साल में पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन यह दावा पूरा नहीं हुआ, जो इस बात का संकेत करता है कि राज्य सरकार कैसा काम कर रही है।

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार कनहर परियोजना को जल्द पूरा करना चाहती है, लेकिन इसमें छत्तीसगढ़ के साथ कुछ जमीन विवाद भी है। सरकार सभी आपत्तियों को जल्द दूर कर इस परियोजना को टाइम फ्रेम बनाकर जल्द पूरा कर लेगी।