Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां धार भोजशाला में मां सरस्वती का मंदिर, मुस्लिम पक्ष के लिए अलग जमीन… जानें हाई कोर्ट के फैसले में क्य... Ahmedabad-Dholera Rail: अहमदाबाद से धोलेरा अब सिर्फ 45 मिनट में, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड... Namo Bharat FOB: निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां नमो भारत स्टेशन के बीच फुटओवर ब्रिज शुरू Sant Kabir Nagar News: मदरसा बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम और कमिश्नर का आदेश रद्द Patna News: बालगृह के बच्चों के लिए बिहार सरकार की बड़ी पहल, 14 ट्रेड में मिलेगी फ्री ट्रेनिंग और नौ... Mumbai Murder: मुंबई के आरे में सनसनीखेज हत्या, पत्नी के सामने प्रेमी का गला रेता; आरोपी गिरफ्तार Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम ...

पुनर्गठन में तीन नये चेहरों को स्थान

एडवांस स्पीड में चल रही है हेमंत सोरेन कैबिनेट की गाड़ी


  • संताल और पलामू को स्थान मिला

  • पहली बार 12वां मंत्री भी बनाया

  • चंपई और बसंत का रुतवा रहेगा


राष्ट्रीय खबर

रांचीः विश्वासमत हासिल करने के बाद ही हेमंत सोरेन ने अपने मंत्रिमंडल का पुनर्गठन भी किया। इसमें तीन नये चेहरों को शामिल किया गया है। जेल में बंद आलमगीर आलम को बदलने की चर्चा पहले से ही चल रही थी। अब संथाल परगना को ध्यान में रखते हुए उनके बदले इरफान अंसारी को मौका मिला है। वैसे इस मंत्रिमंडल के फेरबदल की संभावना पहले से ही थी। राष्ट्रीय खबर ने अपने 29 जून के अंक में पेज 2 पर इन नामों का उल्लेख कर दिया था, जो आज नये मंत्री के तौर पर हेमंत के कैबिनेट में शामिल हुए हैं।

कांग्रेस आलाकमान से विचार विमर्श कर ही बादल पत्रलेख को इस कैबिनेट में स्थान नहीं दिया गया है जबकि उनके बदले संथाल से ही दीपिका पांडेय सिंह को जगह मिली है। पलामू का प्रतिनिधित्व करने के क्रम में बैजनाथ राम को भी इस नये मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। स्पष्ट है कि इसमें जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में इसका फायदा मिले।

राज्यपाल सी पी  राधाकृष्णन ने आज राज भवन के बिरसा मंडप में आयोजित एक सादे समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा के चंपाई सोरेन, दीपक बरुआ, हफीजुल हसन अंसारी, मिथिलेश कुमार ठाकुर, बेबी देवी, वैद्यनाथ राम, कांग्रेस कोटे से डॉ रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, इरफान अंसारी ,दीपिका पांडे सिंह और राष्ट्रीय जनता दल के सत्यानंद भोक्ता को काबीना मंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई ।

सभी मंत्रियों ने हिंदी में शपथ ली जबकि हफीजुल हसन ने उर्दू में शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सांसद सरफराज अहमद, महुआ मांझी, सुखदेव भगत ,पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर समेत राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक और  पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

झारखंड में मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री बनाए जाने का संवैधानिक प्रावधान है और इस बार मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री बनाए गए है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को भी इस बार काबीना मंत्री बनाया गया है। झारखंड के इतिहास में यह पहली घटना है जब किसी पूर्व मुख्यमंत्री को मंत्री बनाया गया है । वैसे देश के अन्य राज्यों में इस तरह की बातें हो चुकी है।

वैसे जानकार मानते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर भी चंपई सोरेन का पूरी सरकार पर अलिखित अधिकार कायम रहेगा और सामान्य तौर पर उनकी बातों को पूरी प्राथमिकता भी मिलेगी। इस तरह काफी अरसे से खाली चल रहे 12वें मंत्री के पद को भर दिया गया है। इससे पहले भाजपा के शासनकाल में जब इस 12वें मंत्री पद को खाली छोड़ा गया था तो कई बार यह सवाल पूछने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास नाराज भी हुए थे।

बता दें कि लंबे समय से जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी मंत्री बनाने की मांग करते रहे हैं। बात पार्टी के प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई थी। जिन्हें इस बार कुछ ही महीना के लिए लेकिन मंत्री बनाया गया है। जबकि हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन को जगह नहीं मिली है। लेकिन बसंत सोरेन का पहले जैसा रुतवा ही बना रहेगा, इसमें संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है।