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रियासी में तीर्थयात्रियों पर आतंकी हमला

सरकार ने मृतकों के परिवारों को दस दस लाख रुपये दिये


  • बस चालक ने नियंत्रण खो दिया था

  • बस खाई में गिरने से नौ लोगों की मौत

  • शांति बहाली पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा


जम्मू: केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को रियासी आतंकवादी हमले में मृत तीर्थयात्रियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी। श्री सिन्हा ने घायलों को 50-50 हजार रुपये दिये जाने की भी मंजूरी दी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक हमले में घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

जिला प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। घटनास्थल पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का संयुक्त सुरक्षा बल अस्थायी मुख्यालय स्थापित किया गया है। गौरतलब है कि रविवार की शाम आतंकवादियों के समूह ने रियासी जिले के रनसू इलाके से आ रही यात्रियों से भरी बस पर हमला कर दिया।

हमले के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और बस रियासी में पौनी के कांडा इलाके के पास गहरी खाई में गिर गयी। हादसे में कम से कम नौ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हुए हैं। घायलों को रियासी, त्रेयाथ और जम्मू जीएमसी के विभिन्न अस्पतालों में रेफर किया गया है। आतंकवादियों का पता लगाने के लिए संयुक्त सुरक्षा बल का अभियान जारी है।

इस बीच जम्मू पुलिस ने सोमवार को शहर के बाहरी इलाके सिधरा क्षेत्र में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की बरामदगी से इनकार किया। पुलिस प्रवक्ता ने कहा जम्मू में सिधरा राजमार्ग पर आईईडी पाए जाने की फैल रही अफवाहें फर्जी और निराधार हैं।

कश्मीर के अलगाववादी समूह ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (एपीएचसी) ने जम्मू के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर रविवार को हुए हमले की निंदा की है। एपीएचसी ने सोमवार को एक बयान में घटना पर दुख और पीड़ा व्यक्त की और कहा, हम मानवता के खिलाफ सभी प्रकार की हिंसा की निंदा करते हैं और हमेशा करेंगे।

बस पर आतंकवादियों के हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया। भारतीय सेना, पुलिस और विशेष अभियान समूह की संयुक्त टीम ने पहली किरण के साथ ही आतंकवादियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान शुरू किया। वन क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

कांग्रेस ने कहा है कि सरकार दावा करती है कि कश्मीर में शांति बहाली हो चुकी है लेकिन वहां शांति किस तरह की है इसका नमूना उस समय देखने को मिला जब दिल्ली में एनडीए सरकार शपथ ले रही थी तो जम्मू कश्मीर में आतंकवादी तीर्थ यात्रियों पर हमला कर रहे थे। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में मजदूर, पर्यटक, कश्मीरी पंडित, आम नागरिक और यहां तक सुरक्षा बल के जवान, कोई भी सुरक्षित नहीं है।

सरकार कोई एक उदाहरण तो बताए कि उसने जम्मू कश्मीर में कहां शांति बहाली की है। प्रवक्ता ने कहा हमें रौब से कहा जाता है कि कश्मीर में शांति आ गई है। हम पूछना चाहते हैं कि क्या शांति सिफर् राजनीतिक लफ्फाजी से आती है। दिहाड़ी मजदूरों के लिए शांति नहीं है, कश्मीरी पंडितों के लिए शांति नहीं है, स्थानीय नागरिकों के लिए शांति नहीं है, पर्यटकों के लिए शांति नहीं है, तीर्थयात्रियों के लिए शांति नहीं है, सुरक्षाबलों के लिए शांति नहीं है।

उन्होंने कहा एक तरफ एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम चल रहा था तो दूसरी तरफ कश्मीर में निहत्थे तीर्थयात्रियों पर आतंकी हमला हो रहा था और तीसरी तरफ भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मैच चल रहा था। अब हम पूछना चाहते हैं क्या क्रिकेट और आतंकवाद साथ साथ चल सकते हैं।