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जिरीबाम जा रहे पुलिस काफिले पर आतंकी हमला

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को घटनास्थल का दौरा करना था


  • दिन के पौने ग्यारह बजे हुआ यह हमला

  • एक पुलिसकर्मी के कंधे पर गोली लगी है

  • संयुक्त सुरक्षा बल इलाके की तलाशी में


राष्ट्रीय खबर

गुवाहाटी: मणिपुर पुलिस ने बताया कि संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने सोमवार सुबह जिरीबाम जा रहे पुलिस काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। यह घटना मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के जिले के नियोजित दौरे से पहले हुई, जहां पिछले सप्ताह से तनाव बढ़ रहा है।

पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारी के लिए भेजे गए अग्रिम गार्ड पर हमला राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर हुआ, जो इंफाल और जिरीबाम को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है। सुबह करीब 10:40 बजे यह हमला हुआ। हमले का स्थल, टी. लाइजांग गांव – जो इंफाल से करीब 26 किमी दूर है – कुकी-जोमी बहुल कांगपोकपी जिले के अंतर्गत आता है। घायल पुलिसकर्मी की पहचान बिष्णुपुर जिले के मोइरंगथेम अजेश (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उसके दाहिने कंधे पर गोली लगी है और उसे इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पिछले सप्ताह तक, जिरीबाम अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण था, जबकि पिछले साल 3 मई से मणिपुर के बाकी हिस्सों में जातीय संघर्ष जारी था। असम के कछार जिले की सीमा पर स्थित इस इलाके में मैतेई, कुकी-जो, बंगाली, मुस्लिम और नागा लोगों की मिश्रित आबादी है। तनाव का ताजा दौर 6 जून को शुरू हुआ, जब मैतेई व्यक्ति सोइबाम सरतकुमार सिंह का शव मिला, जिस पर चोट के निशान थे।

इसके बाद हुई आगजनी में हमार-मिजो (जो जनजाति के अंतर्गत आती है) और मैतेई दोनों के घरों को जला दिया गया। दो पुलिस चौकियों और एक वन विभाग के दफ्तर को भी आग के हवाले कर दिया गया। तनाव के ताजा दौर के बाद से सैकड़ों लोग अस्थायी राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जिले में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है। मुख्यमंत्री मंगलवार को जिले का दौरा करने वाले हैं। राज्य बलों और असम राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को हुए हमले के स्थल और उसके आसपास तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने असम की सीमा से लगे जिले के विभिन्न स्थानों पर सिलसिलेवार हमले किए हैं और अब तक कूकी उग्रवादियों ने तीन पुलिस स्टेशनों, बड़ी संख्या में एक विशेष जातीय समूह के घरों को आग लगा दी है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा सलाहकार कुलदीप ंिसह और पुलिस महानिदेशक (डीपीजी) मणिपुर से जिरीबाम की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट देने को भी कहा है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने सुरक्षा सलाहकार और डीजीपी को बार-बार चेतावनी दी थी कि कुकी आतंकवादी जिरीबाम जिले में हमले की योजना बना रहे हैं। यह राष्ट्रीय राजमार्ग जिले से होकर गुजरता है। इंफाल जिरीबाम राजमार्ग को छोड़कर अन्य सभी राजमार्ग कुकी उग्रवादियों के नियंत्रण में हैं और वे एक विशेष जातीय समूह के लोगों पर हमला करने की योजना बना रहे थे ताकि वे जिले पर नियंत्रण कर सकें।