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नक्सल प्रभावित इलाके में विस्फोट से एक की मौत

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मध्य प्रदेश में दूसरे चरण की सभी 230 और छत्तीसगढ़ की 70 सीटों पर मतदान हुआ। अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में करीब सत्तर प्रतिशत और मध्यप्रदेश में करीब 72 प्रतिशत मतदान हो चुका है। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद अंतिम आंकड़ा सामने आ पायेगा। दोनों ही राज्यों में प्रमुख मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। फिलहाल मध्य प्रदेश में भाजपा सत्ता पर काबिज है, जबकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का शासन है।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सलियों द्वारा आईईडी ब्लास्ट किये जाने से इंडो तिब्बत पुलिस बल का एक जवान शहीद हो गया है।  यह घटना गरियाबंद जिले के बड़े गोबरा गांव में हुई है। इस घटना में पुलिस अधिकारी का बयान सामने आया है। अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शुक्रवार को नक्सलियों द्वारा किए गए बारूदी सुरंग में विस्फोट में मतदान दल की सुरक्षा में लगे भारत तिब्बत सीमा पुलिस के प्रधान आरक्षक की जान चली गई है।

बता दें कि पहले चरण में 12 नक्सल प्रभावित सीटों पर भी मतदान कराया गया था, 7 नवंबर को कराए गए मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की घटना हुई थी। इस बार की घटना के बारे में पता चला है कि बिंद्रानवागढ़ विधानसभा सीट के 9 मतदान केंद्रों को नक्सल प्रभावित घोषित किया गया था। इस इलाके में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक की मतदान कराया गया। जब मतदान दल वापस लौट रहा था तब बड़े गोबरा गांव के पास शाम करीब 4।45 बजे नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। इस ब्लास्ट में आईटीबीपी के जवान योगेंद्र सिंह शहीद हो गए।

दोनों राज्यों में शाम छह बजे तक मतदान के बाद अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। नक्सल प्रभावित इलाकों में मतदान दोपहर तीन बजे तक ही हुआ।  भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर बहुत अधिक भरोसा करते हुए, दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को पेश करने से परहेज किया है।

पिछले 20 वर्षों में से लगभग 18 वर्षों तक सत्ता में रहने वाले मध्य प्रदेश में राजनीतिक उथल-पुथल देखी गई जब मार्च 2020 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई। कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस अब मौजूदा शिवराज सिंह चौहान को पद से हटाने के लिए दृढ़ है।  छत्तीसगढ़ में, भाजपा, जिसने 2003 से 2018 तक राज्य पर शासन किया, का लक्ष्य मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को बदलना है। 7 नवंबर को 20 सीटों के लिए हुए पहले चरण के मतदान में दोनों दलों ने सफलता का दावा किया। 2018 में 70 में से 51 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने बघेल को अपने मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किया है।