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ग्रामीण थानेदारों के ग्रामीणों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप क्यों नहीः डीजीपी

  • थाना प्रभारी को थाना के करीब ही रहना होगा

  • महत्वपूर्ण केसों की जांच खुद थाना प्रभारी करेंगे

  • रात्रि गश्ती को चेक करें हर स्तर के वरीय अफसर

दीपक नौरंगी

पटनाः बिहार में पुलिस की कार्यशैली लेकर लगातार बेहतर सुधार हो सके इसके लिए डीजीपी आर एस भट्टी हर तरह की बेहतर कोशिश कर रहे हैं। गत 16 मई मंगलवार को इस बैठक में सभी रेंज के डीआईजी और आई जी मौजूद थे डीजीपी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दिशा निर्देश दिया।

रात्रि गश्ती और ओडी अफसर को विशेष तौर पर चेक करने का निर्देश दिया गया है। ताकि यह पता चल सके कि वह अपनी ड्यूटी पर सही से कर रहे हैं या नहीं। थाना के थाना अध्यक्ष थाना परिसर में रहते हैं तो बेहतर है या नहीं तो थाना से बाहर रहते हैं जो 200 मीटर के दायरे तक उनका आवास रहना चाहिए।

डीजीपी ने सभी रेंज के डीआईजी आई जी से पूछा कि ग्रामीण थाना में ग्रामीण थाना अध्यक्ष के द्वारा ग्रामीण लोगों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप क्यों नहीं बनाया गया है। उक्त व्हाट्सएप ग्रुप से स्थानीय पुलिस को बेहतर फायदा मिलेगा और ग्रामीणों को व्हाट्सएप पर सूचना देने में आसानी होगी।

बहुत जल्द ही अब ग्रामीण थानों में ग्रामीणों के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप जल्द ही एक स्पेशल व्हाट्सएप ग्रुप बन जाएगा। डीजीपी ने अपने इस बैठक में यह भी कहा कि जिले में कितने अपराधी फरार है उसकी सूची तैयार करें और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वरीय पुलिस पदाधिकारी भी छापामारी में शामिल रहे।

डीजीपी ने साफ तौर पर कहा कि महत्वपूर्ण और गंभीर मामलों में अनुसंधानकर्ता स्वयं थाना के थाना अध्यक्ष बने अपने अधीनस्थ अधिकारी को गंभीर मामलों का अनुसंधानकर्ता थाना अध्यक्ष अपने अधीनस्थ बना देते हैं ऐसा नहीं करना है। खुद थाना अध्यक्ष स्वयं गंभीर मामलों को अपने पास रख कर अनुसंधान करें।

डीजीपी ने अपनी बैठक में गया रेंज और पटना आईजी को कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए और छपरा और रोहतास के डीआईजी को भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा कर दिशा निर्देश का पालन करने को कहा। उसी तरह दरभंगा आईजी और मुजफ्फरपुर और पूर्णिया आई जी को भी कई दिशा निर्देश दिए गए।

डीजीपी की अहम बैठक करीब 3:30 घंटे तक हुई। जिसमें डीजीपी ने पुलिस वेलफेयर और फरार अपराधियों की धरपकड़ छापामारी रात्रि गश्ती पर विशेष ध्यान देने को दिशा निर्देश दिए हैं। जिला के एसएसपी और एसपी को डीजीपी के दिए गए दिशा निर्देश से अवगत कराएंगे और उसे अनुपालन कैसे करवाया जाएगा यह बता पाना कठिन है। लेकिन मंगलवार को डीजीपी की बैठक से विधि व्यवस्था की स्थिति में बेहतर सुधार आता है या फिर स्थिति खराब होती है यह तो आने वाला समय बताएगा।

उठ रहे हैं सवाल: एसएसपी और एसपी के साथ डीजीपी बैठक क्यों नहीं

डीजीपी आर एस भट्टी 19 दिसंबर को अपना पदभार संभाले थे उसके बाद सिर्फ दो बार एसएसपी और एसपी के साथ ऑनलाइन बैठक की है। लगातार रेंज के डीआईजी और आईजी के साथ बैठक हो रही है लगातार बड़े-बड़े पुलिस पदाधिकारी डीजी रैंक के अधिकारी जो रिटायर कर चुके हैं।

चर्चा है कि बिना जिला के पुलिस कप्तान के बिना बैठक किए उनकी बैठक में जितने भी दिशा निर्देश दिए हैं। धरातल में जब ही उतरेंगे जब डीजीपी सीधे तौर पर एसएसपी और एसपी के साथ बैठक करेंगे लेकिन डीजीपी के मन में क्या चल रहा है और वह क्यों नहीं जिले के एसएसपी और एसपी के साथ बैठक कर रहे हैं इसको लेकर कई तरह के सवाल पुलिस महकमे में उठ रहे हैं?