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वोटरों ने वादा निभाया और दिवंगत प्रत्याशी चुनाव जीती

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुए नगर निकाय चुनाव में वोटरों ने भरोसा रखने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस एक सीट के परिणाम ने सभी को हैरानी में डाल दिया है। अमरोहा के हसनपुर नगरपालिका के वार्ड 17 से आशिया बी ने पार्षद पर जीत दर्ज की है। 25 वर्षीय आशिया बी को मिली यह जीत कई मायने में चौंकाने वाली है।

दरअसल, नगर निकाय चुनाव की वोटिंग से पहले ही आशिया बी का निधन हो गया था। इसके बाद भी क्षेत्र के लोगों ने उन्हें वोट दिया। उनके निधन की सूचना पूरे इलाके के लोगों को थी। लेकिन काफी मिलनसार आशिया को किये गये वादे के मुताबिक ही लोगों ने उन्हें वोट देकर विजयी बनाया।

जब उन्होंने वार्ड पार्षद का नामांकन किया तो क्षेत्र के लोगों ने उन्हें समर्थन देने का एलान किया। लेकिन, चुनाव से पहले ही आशिया का निधन हो गया। इसके बावजूद लोगों ने मृतक कैंडिडेट को वोट देकर जिता दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब हमने आशिया को समर्थन देने का एलान किया था, तो अपने वादे से पीछे कैसे हट जाते?

यूपी नगर निकाय चुनाव को लेकर आशिया बी ने हसनपुर नगरपालिका सीट के वार्ड 17 के पार्षद प्रत्याशी तौर पर नामांकन किया था। 16 अप्रैल को उन्होंने अपना नामांकन फॉर्म दाखिल किया। हालांकि, इस दौरान उनकी तबियत खराब चल रही थी। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन करने वाली आशिया बी को लोगों का जबर्दस्त समर्थन मिला।

हालांकि, स्वास्थ्य कारणों के कारण वे प्रचार में निकल नहीं पा रही थीं। आशिया के पेट और फेफड़े में संक्रमण लगातार बढ़ता गया। 20 अप्रैल को उनका निधन हो गया। दरअसल आशिया ने काफी समय पहले से नगर निकाय चुनाव में वार्ड पार्षद के तौर पर उम्मीदवारी के लिए लोगों से समर्थन मांगना शुरू कर दिया था।

लोगों ने उन्हें समर्थन देने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अमरोहा में हुए नगर निकाय चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की। चुनाव से पहले भले ही उनकी मौत हो गई, लेकिन लोगों ने उनसे किया वादा पूरा किया। मौत के बाद ही सही, आशिया बी वार्ड पार्षद तो कहलाएंगी ही। वार्ड के निवासी मोहम्मद जाकिर कहते हैं कि आशिया आसानी से किसी को अपना दोस्त बना लेती थीं। लोग उनसे किया वादा तोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। मरने के बाद भी आशिया को लोगों का समर्थन और प्यार मिला।