Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
IRCTC Tour: रांची के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! भारत गौरव ट्रेन से करें 6 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा,... Nalanda Temple Stampede: बिहार के नालंदा में शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौ... IPL 2026: रवींद्र जडेजा का इमोशनल पल, लाइव मैच में रोने के बाद 'पुराने प्यार' को किया किस। Honey Singh Concert: हनी सिंह के कॉन्सर्ट में सुरक्षा के साथ खिलवाड़! चेतावनी के बाद भी तोड़े एयरपोर... Financial Deadline: 31 मार्च तक निपटा लें ये 6 जरूरी काम, वरना कटेगी जेब और भरना होगा भारी जुर्माना New IT Rules 2026: बदल जाएंगे डिजिटल नियम, केंद्र सरकार के आदेश को मानना अब सोशल मीडिया के लिए होगा ... Hanuman Ji Puja Rules for Women: महिलाएं हनुमान जी की पूजा करते समय न करें ये गलतियां, जानें सही निय... पुराना मटका भी देगा फ्रिज जैसा ठंडा पानी, बस अपनाएं ये 5 आसान ट्रिक्स। Baisakhi 2026: बैसाखी पर पाकिस्तान जाएंगे 3000 भारतीय सिख श्रद्धालु, ननकाना साहिब और लाहौर के करेंगे... Puducherry Election: पुडुचेरी में INDIA गठबंधन की बढ़ी टेंशन, 'फ्रेंडली फाइट' से बिखर सकता है खेल!

मुख्यमंत्री के इशारे पर स्पीकर ने मामला उलझायाः बाबूलाल मरांडी

  • सरकार को लोकायुक्त एवं सूचनाओँ का भय सता रहा

  • भ्रष्टाचार उजागर करने केलिए कई संवैधानिक संस्थाएं

  • रघुवर दास सरकार में हुआ था ठीक ऐसा ही खेल

राष्ट्रीय खबर

रांचीः भाजपा नेता विधायक दल एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज नेता प्रतिपक्ष मामले में विधानसभा स्पीकर को कटघरे में खड़ा किया। श्री मरांडी ने कहा विधानसभा अध्यक्ष मुख्यमंत्री के इशारे पर मामले को लटकाए बैठे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा ने अपने विधायक दल का नेता चयन कर विधानसभा सचिवालय को विधिसम्मत सूचना दी है। श्री मरांडी ने कहा कि जहां तक जेवीएम का बीजेपी में विलय का सवाल है चुनाव आयोग ने अपने निर्णय में सारी स्थित स्पष्ट कर दी है।

कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसने विलय को मान्यता देते हुए दो बार उन्हें राज्यसभा चुनाव में भाजपा विधायक के रूप में मत देने का अधिकार दिया। फिर भी स्पीकर के द्वारा भाजपा नेता विधायक दल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं देना राज्य सरकार के इशारे पर एक राजनीतिक साजिश है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नही चाहती कि नेता प्रतिपक्ष की अनुशंसा से लोकायुक्त का चयन हो,सूचना आयुक्त का चयन हो। क्योंकि फिर राज्य सरकार की नाकामियां उजागर होंगी। लोकायुक्त के माध्यम से भ्रष्टाचार की जांच हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि भले ही राज्य सरकार तिकड़म से महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों को भरने से रोक दे लेकिन देश में कार्य कर रही अन्य संवैधानिक एजेंसियों की जांच से नही बच सकती। उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता ही जा रहा।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से बचाव केलिए राज्य सरकार कागजात तक गायब करवाने से बाज नहीं आ रही।

राज्य के हालात ये हैं कि राज्य सरकार के मंत्रियों से नैतिकता गायब है,गरीबों की थाली से रोटी गायब है,बेरोजगारों के हाथों से रोजगार गायब है। और पूरी सरकार का ईमान गायब है। कहा कि ऐसे में हेमंत सरकार से राज्य के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती।

दरअसल इससे पहले रघुवर दास की सरकार में भी सरकार और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने यही खेल खेला था। उनलोगों ने भी नेता प्रतिपक्ष के मामले को काफी दिनों तक लटकाया था। अब झामुमो भी उसी खेल को दोहरा रही है और पूर्व की भाजपा सरकार ने जो कुछ किया था, उसकी पुनरावृत्ति देखने को मिल रही है।