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अब धुर्वा क्रिकेट स्टेडियम में दूसरे किस्म का खेला होबे

  • स्मृति कप क्रिकेट के लिए आवेदन

  • दोनों अमिताभ चौधरी के विरोधी हैं

  • अब समीकरण भी बदल चुके हैं वहां

राष्ट्रीय खबर

रांचीः धुर्वा स्थित झारखंड स्टेट क्रिकेट स्टेडियम का तापमान अचानक तब बढ़ गया जब रांची जिला क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव सुनील कुमार सिंह वहां पहुंचे। उनके साथ आदित्य वर्मा भी थे।

दोनों को इस क्रिकेट संघ के पूर्व कर्ता धर्ता अमिताभ चौधरी का कट्टर विरोधी माना जाता है। इनमें से आदित्य वर्मा भारतीय  क्रिकेट में सट्टेबाजी के मामले में दुनिया भर में चर्चित हैं। उनकी वजह से बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को अपने पद से हटना पड़ा था।

इन दोनो के अचानक वहां पहुंचने से जेएससीए में उपेक्षित चल रहे कई लोग अंदर ही अंदर प्रसन्न हुए जबकि अमिताभ चौधरी की कृपा से स्टेडियम में कर्ता धर्ता बने लोगों में से अनेक के दिलों की धड़कन तेज हो गयी है। बता दें कि दोनों लोग गत एक मई को स्टेडियम पहुंचे थे।

ऐसा तब हुआ जबकि सुनील सिंह ने ही इस स्टेडियम के लिए गत 25 जून 2009 को स्टेडियम निर्माण का भूमि पूजन सुनील कुमार सिंह ने ही किया था और 25 मई 2013 को एजीएम में चुनाव लड़ने के बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।

उस वक्त इस क्रिकेट एसोसियेशन में अमिताभ चौधरी का हुक्म ही संघ का संविधान बन गया था। दरअसल उस काल के खेल मंत्री सुदेश महतो को क्रिकेट संघ के चुनाव में पराजित करने के बाद अमिताभ चौधरी ने अपना एकछत्र राज स्थापित कर लिया था।

उन्हें चुनौती देना इसलिए कठिन था क्योंकि उन्होंने अपनी पसंद से अनेक पुलिस अफसरों को इसका सदस्य बनाया था और बहुमत हमेशा उनके पास रहता था। विरोध करने वालों को वह किसी न किसी बहाने बाहर का रास्ता दिखा देते थे। अब उनके निधन केबाद माहौल बदला है जबकि उस वक्त पुलिस सेवा में रहने वाले अनेक लोग अब सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।

श्री सिंह और आदित्य वर्मा ने हाल ही में तमाम पूर्व क्रिकेट प्रशासकों और खिलाड़ियों के सम्मान में एक स्मृति कप क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन का एलान किया है। इसी स्मृति कप क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन के लिए स्टेडियम का आवंटन कराने के लिए उन्होंने आवेदन दिया।

सुनील कुमार सिंह के साथ मशहूर क्रिकेट प्रशासक आदित्य वर्मा में थे। इससे वहां का तापमान बढ़ गया। पूरे 9 साल 340 दिन बाद जब सुनील कुमार सिंह स्टेडियम पहुंचे तो बताया गया कि अध्यक्ष और सचिव मौजूद नहीं हैं। फिर ऑफिस में आवेदन जमा कराया और पावती पाई।

इस दौरान आदित्य वर्मा ने जेएससीए सचिव पिंटू दा से टेलीफोन पर बात की और स्टेडियम उपलब्ध कराने का आग्रह किया। दोनों लगभग दो घंटे तक जेएससीए में रहे, इस दौरान उन्होंने लंच लिया और झारखंड क्रिकेट से जुड़े कई पदाधिकारियों व सदस्यों से मुलाकात की। कई ने तो दिल खोलकर स्वागत किया वहीं कुछ लोग कन्नी काटते नजर आए और कुछ लोगों के सीने पर सांप भी लोटते रहे।