Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
परिमल नथवाणी का आना महज राजनीति नहीं मानिए क्वांटम प्रयोग में परमाणु उल्टा घूमता देखा गया स्थानीय स्तर पर झड़पों में 25 नागा महिला घायल भूपेंद्र यादव के घऱ जुटे थे टीएमसी के सांसद फिलीपींस के मिंडानाओ में 7.8 तीव्रता का भूकंप Mamata Banerjee Silence: क्या इंडिया गठबंधन में कमजोर हुई ममता की पकड़? प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखीं 'न... टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी छोड़ी Srinagar Crime News: ड्रग तस्करों पर श्रीनगर पुलिस का बड़ा प्रहार; ₹4 करोड़ की अवैध संपत्ति की गई जब्... सीमा पार ड्रग सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच Delhi Airport News: दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा; तेज हवाओं के कारण एयर इंडिया के 3 विमान क्षतिग्रस्...

पुलिस मुख्यालय की कार्यशैली में कैसे हुआ बड़ा बदलाव

  • 19 दिसंबर 2022 को डीजीपी का पदभार संभाला

  • चार महीने 11 दिन में क्यों बने रहे सुर्खियों में

  • अब वरीय अफसर उनसे सीधे मिल सकते हैं

दीपक नौरंगी

पटना: बिहार के डीजीपी ने पदभार संभालने के बाद साफ शब्दों में कहा था कि हर रेंज में जाकर समीक्षा बैठक करूंगा। गया और मुजफ्फरपुर रेंज हो गया है। अब पूर्णिया और भागलपुर और दरभंगा रेंज में किसी समय भी डीजीपी लंबित मामले और कई अहम बिंदुओं पर अपनी समीक्षा बैठक कर सकते हैं।

बिहार में पुलिस महकमे में पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया। नए डीजीपी आर एस भट्टी ने 19 दिसंबर 2022 को रात के 7:45 बजे अपना पदभार संभालना उसके बाद दूसरे दिन पुलिस मुख्यालय से लेकर जिले के सभी एसपी और एसएसपी के साथ डीआईजी और आईजी के साथ ऑनलाइन बैठक की।

पदभार संभालने के बाद डीजीपी आरएस भट्टी की पहली मुख्यालय बैठक में रेंज के सभी डीआईजी और आईजी बैठक में मौजूद थे। बाकी बिहार के सभी सीनियर एसपी से लेकर एसपी और थानेदार तक ऑनलाइन बैठक में डीजीपी का संवाद को सुना बैठक के दौरान एक आईपीएस अधिकारी खूब सुर्खियों में रहे जब बिहार के डीजीपी ने उनको कह दिया कि आपके पास दो विभाग है और कल तक मुझे आप बताइए कि आप कौन से दोनों में से एक पद पर रहना चाहते हैं।

उसके बाद आईएएस और आईपीएस में महकमें चर्चा होने लगी उक्त एडीजी एक पद मतलब एक विभाग से उनको हटा दिया जाएगा लेकिन वर्तमान 30 अप्रैल तक अभी तक वह एडीजी दो विभाग संभाले हुए हैं। डीजीपी आर एस भट्टी को इस मामले में चुप रहना पड़ा। डीजीपी की एक कार्यशैली खूब चर्चा में रही कि उनके कार्यालय में बिना अनुमति के कोई भी एडीजी नहीं मिल सकता है।

मिलने के लिए पहले समय लिया जाएगा। निर्धारित दिए गए समय पर ही आप डीजीपी से मिल सकते हैं। चार महीने तक तो यह नियम लागू रहा लेकिन अब बताया जाता है हाल के दिनों में इस कार्यशैली में भी डीजीपी के बड़े बदलाव आया है। अब सीधे तौर पर एडीजी बिना अनुमति के सीधे डीजीपी से मिल तो रहे हैं।

बिहार के डीजीपी आर एस भट्टी ने पदभार संभालने के बाद अपने संवाद में कई महत्वपूर्ण बिंदु का जिक्र किया था। डीजीपी ने कहा था कि वरीय पुलिस पदाधिकारी के साथ साथ थानेदार तक से सीधा संवाद किया जाएगा।

इसकी शुरुआत बिहार के डीजीपी ने गया रेंज से शुरुआत की है। गया रेंज में सभी पुलिस पदाधिकारी और थानेदार से सीधा संवाद करने के बाद यह बात कई बिंदुओं पर विचार विमर्श किया और मुजफ्फरपुर रेंज के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी और थानेदार के साथ भी सीधा संवाद किया।

डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी ने 26 अप्रैल को पुलिस मुख्यालय में एक ऑनलाइन बैठक बिहार के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी जिसमें जिले के एसएसपी और एसपी और रेंज के डीआईजी आई जी मौजूद थे दूसरी बार डीजीपी ने जिले के पुलिस कप्तान के साथ बैठक की।

बताया जाता है कि आने वाले दिनों में डीजीपी सप्ताह में एक रेंज के सभी पुलिस पदाधिकारी से लेकर थानेदार से सीधा संवाद कर बैठक करेंगे। रेंज में होने वाली बैठक की जानकारी डीजीपी किसी को नहीं दे रहे हैं और अचानक ही रेंज पहुंच जाते हैं वहां के पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों की समीक्षा भी करेंगे।