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टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी छोड़ी

कल के एलान के बाद अंततः इस्तीफा दे ही दिया

  • राज्यसभा से भी  त्यागपत्र दे दिया

  • पहले से भाजपा की तरफ झुकाव था

  • शुभेंदु की सरकार की तारीफ भी की

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस में मची हलचल अब संसद तक पहुंच गई है। ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। रॉय ने पार्टी छोड़ने के साथ ही राज्यसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी शासनकाल में व्याप्त अनियंत्रित भ्रष्टाचार को मुख्य कारण बताया है।

रॉय ने पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, राज्य के 15 वर्षों के अराजक शासन को समाप्त करने के लिए जनता ने पहली बार भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में भारी जनादेश दिया है। यह शासनकाल व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून-व्यवस्था और रोजगार के क्षेत्रों में विफलता का प्रतीक रहा है।

रॉय ने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के पुनर्निर्माण और विकास के लिए चुनावी घोषणापत्र के अनुरूप पहल शुरू कर दी है।

पार्टी के भीतर बढ़ती बगावत पर उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि यह पार्टी अब टिक नहीं पाएगी। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल के कई अन्य सांसद और विधायक भी भाजपा के संपर्क में हैं, जिससे पार्टी के टूटने का खतरा बढ़ गया है। रॉय का इस्तीफा न केवल राज्यसभा में तृणमूल और विपक्षी गठबंधन को कमजोर करता है, बल्कि यह ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका भी है, क्योंकि रॉय 2011 से उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक थे। पिछले महीने हुए चुनाव में हार के बाद से ही पार्टी में असंतोष की आग सुलग रही थी, जो अब एक बड़े राजनीतिक संकट के रूप में सामने आ गई है।