देश कागजी आंकड़ों से गरीब की भूख नहीं मिटती Rajat Kumar Gupta Nov 18, 2025 यह एक दुखद विरोधाभास है कि जहाँ एक ओर लोकतंत्र बड़े पैमाने पर भुखमरी के प्रति उदासीन रहते हैं, वहीं वे इस तथ्य को भी कम आंकते और अनदेखा करते… अधिक पढ़ें...