Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हरियाणा के सरकारी स्कूलों की चमकेगी किस्मत! हर स्कूल को मिलेंगे ₹2-2 करोड़; HCS अधिकारी लेंगे गोद, ज... Yamunanagar: युवती ने भगवान श्रीकृष्ण को बनाया अपना पति, धूमधाम से संपन्न हुई शादी की रस्में; यमुनान... हरियाणा के बुजुर्गों की बल्ले-बल्ले! अब ट्रेन से मुफ्त में करें अयोध्या और वैष्णो देवी के दर्शन; सरक... सावधान! हरियाणा में प्लॉट खरीदने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें; सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों में किया ... Cyber Fraud Alert: इंस्टाग्राम विज्ञापन के जरिए कनाडा भेजने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी, कजाकिस्तान में ... मेघालय में फिल्मी अंदाज में आरोपी को छुड़ाने की कोशिश! पुलिस की फायरिंग में एक युवक को लगी गोली; इला... अंबाला के ढाबों पर मंडराया संकट! कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से चूल्हे ठंडे; संचालकों की सरकार से गुह... Charkhi Dadri Crime: पत्नी की हत्या कर पति ने की आत्महत्या, कुल्हाड़ी से वार कर उतारा मौत के घाट; चर... Rewari Crime News: रेवाड़ी में शादी समारोह के दौरान भारी बवाल, बनवारे में विवाद के बाद दो पक्षों में... Haryana Weather Update: हरियाणा के 15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, पश्चिमी विक्षोभ से बद...

बेटी ने अपनी मां की शादी पच्चीस साल बाद करायी

  • पिता बहुत बचपन मे गुजर गये थे

  • ससुराल से बच्ची को लेकर लौट आयी थी मां

  • काफी दिनों तक समझाने के बाद अब शादी करायी

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः शिलॉंग निवासी माता और पुत्री का कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। देवारति नाम की लड़की ने इसे सच साबित कर दिखाया है। उसने अपने पैरों पर खड़ा होने के बाद अपने पचास साल की मां की शादी पश्चिम बंगाल में करायी है। अब वह खुद मानती हैं कि शादी के बाद मां को खुश देखकर इतनी खुशी होती है जिसे बयां नहीं किया जा सकता है।

इस लड़की यानी देवारति रिया चक्रवर्ती जब दो साल की थी तो उसके पिता का अचानक निधन हो गया। उसके पिता एक नामी चिकित्सक थे। अचानक ब्रेन स्ट्रोक में उनकी मौत होने के बाद मां मौसूमी चक्रवर्ती ने अपने बलबूते पर अपनी बेटी की परवरिश की। उस वक्त उसकी मां की उम्र मात्र 25 साल की थी। इतने दिनों के बाद अब पता चला है कि पिता की मौत के बाद ससुराल से संपत्ति का विवाद होने के बाद मां अपनी दो साल की बच्ची को लेकर अपने पिता के घऱ लौट आयी थी।

यहीं पर उसने अपनी पुत्री को प्यार के साथ बड़ा किया। अपने बचपन से ही वह अपनी मां के इस संघर्ष को देखती आयी है। वैसे अब सब कुछ ठीक ठाक होने के बाद लड़की ने कहा कि दोबारा और इस उम्र में मां को शादी के लिए तैयार करना भी कोई आसान काम नहीं था। किसी तरह हर रोज समझाने के और इतने दिनों के लगातार प्रयास के बाद जब मां ने सहमति दी तो उनका पहला सवाल था कि फिर उसका (देवारति का) क्या होगा।

लेकिन बचपन से ही अपनी मां को संघर्ष करते देखकर बड़ी होने वाली इस लड़की की इच्छा थी कि वह मां को फिर से विवाहित देखना चाहती थी। इस कोशिश के तहत उसने अपने ही प्रयास से स्वपन नामक व्यक्ति को खोज निकाला। उनसे संपर्क कर अपनी मां से शादी के लिए उन्हें तथा उनके परिवार के लोगों को राजी कराना भी कठिन काम था। अब देवारति यह देखकर ही खुश है कि शादी के बाद मां की जिंदगी ही बदल गयी है। वह कहती है कि बचपन से ही मां को लड़ते और जूझते देखा था। अब मां को इस प्रसन्नता की माहौल में देखना एक स्वर्गीय आनंद है।