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अमिताभ बच्चन के बयान पर भी राजनीतिक घमासान

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में एक बयान दिया। जिसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस बयान की सराहना कर दी। इसके तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी की तरफ से उसकी प्रतिक्रिया भी आ गयी। दरअसल शाहरूख खान की फिल्म पठान को लेकर हिंदूवादी संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। इनलोगों को इस फिल्म में एक पोशाक के रंग पर भी आपत्ति है और उसे भी हिंदू विरोधी बताया गया है। इसके बीच ही शाहरूख खान हज से लौटकर वैष्णो देवी मंदिर हो आये है, जो भगवाधारियों को नागवार गुजरा है।

अब अमिताभ बच्चन ने इस मुद्दे पर फिल्म फेस्टिवल में बयान देकर उस राजनीति को उकसा दिया, जिसकी जड़ में पूर्वोत्तर में करीब आ रहा विधानसभा चुनाव है। मेघालय का दौरा कर ममता बनर्जी के लौटने के बाद वहां भाजपा सक्रिय हुई है। दूसरी तरफ त्रिपुरा में पुलिस अत्याचार के खिलाफ टीएमसी ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में गुरुवार (15 दिसंबर) को अमिताभ ने कहा था कि देश को आजादी मिले कई साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी नागरिक की स्वतंत्रता और बोलने की आजादी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में मौजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अमिताभ की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अमिताभ ऐसी बात कह गए, जो कोई नहीं कह सकता।

इधर, भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा है कि अमिताभ के शब्द बंगाल से ज्यादा सटीक किसी और जगह के लिए नहीं हो सकते, क्योंकि उन्होंने फ्रीडम की बात ऐसी जगह कही है, जहां चुनाव के बाद सबसे ज्यादा खूनखराबा और हिंसा हुई थी। इससे स्पष्ट हो गया कि दरअसल यह बयानबाजी भी पूर्वोत्तर भारत में करीब आ रहे चुनाव में अधिकाधिक नंबर हासिल करने के मकसद से की गयी है। इन दो राज्यों यानी मेघालय और त्रिपुरा में टीएमसी ने अपना संगठन मजबूत किया है। वह मेघालय में बिना चुनाव लड़े ही अब प्रमुख विपक्षी दल बनी हुई है जबकि ममता के वहां से लौटने के तुरंत बाद टीएमसी छोड़ चुके एक विधायक सहित चार अन्य विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है।