Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Uttarakhand Disaster Management Model: ब्रिक्स देशों ने मानी उत्तराखंड की धाक; आपदा प्रबंधन मॉडल की ... Akshay Kumar Charity: क्या अक्षय कुमार सिर्फ पैसा कमाने के लिए करते हैं फिल्में? एक्टर ने चैरिटी के ... Manav Suthar Test Debut: टेस्ट डेब्यू पर 6 विकेट लेकर रचा इतिहास; मानव सुथार ने 18 साल का सूखा किया ... Israel-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ा युद्ध का खतरा; क्या नेतन्याहू की जंग की जिद बन रही है ... Gold-Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट; जानें क्या है आज का नया भाव Environmental Impact of AI: एआई की बढ़ती मांग से बढ़ रहा जल संकट; 2027 तक हालात हो सकते हैं गंभीर Kalashtami Vrat 2026: कालाष्टमी पर काल भैरव देव की विशेष पूजा; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व Banarasi Kachori Sabji Recipe: घर पर बनाएं बनारस का प्रसिद्ध नाश्ता; कचौड़ी-सब्जी बनाने की आसान विधि MP Rajya Sabha Election 2026: तीसरी सीट पर भाजपा का दांव; महेश केवट के नामांकन के बाद बढ़ी सियासी हलच... Earthquake in Northeast: भूटान के पास 5.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप; सिक्किम और बंगाल तक महसूस किए गए ...

अडानी के बंदरगाह के विरोध में थाना पर हमला

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल में अडानी समूह के निर्माणाधीन बंदरगाह को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। बीती रात इस बंदरगाह का विरोध कर रहे मछुआरों ने स्थानीय पुलिस थाने पर हमला बोल दिया है। भीड़ इतना ज्यादा गुस्से में थी कि लाठी और पत्थरों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। इससे पुलिस की 4 जीप, 2 वैन और 20 मोटरसाइकिलों क्षतिग्रस्त हो गईं। थाने में फर्नीचर और जरुरी दस्तावेजों को भी नष्ट कर दिया गया है। थाने में हमले के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति है। विभाग ने क्षेत्र में 200 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मछुआरे शनिवार को हुई हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग कर रहे हैं। अडानी समूह केरल में साल 2015 से एक मेगा पोर्ट का निर्माण कर रहा है जिसका नाम विझिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह है। लेकिन इसे लेकर स्थानीय निवासियों और मछुआरों की ओर से विरोध किया जा रहा है। इन पक्षों का मानना है कि बंदरगाह बनने से उनकी जीविका पर असर पड़ने के साथ ही तटीय क्षरण हो रहा है। ये पक्ष मांग कर रहे हैं कि सरकार निर्माण कार्य पर रोक लगाकर बंदरगाह की वजह से मरीन इकोसिस्टम पर पड़ने वाले असर का स्वतंत्र ढंग से अध्ययन कराए। हालांकि, अडानी समूह का दावा है कि उनकी ये परियोजना पूरी तरह नियमबद्ध है और आईआईटी जैसी बड़ी संस्थाओं ने इसकी वजह से तटीय क्षरण होने की बात को नकारा है। इस मामले में हाई कोर्ट की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अडानी समूह ने बीते शनिवार निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की थी। अडानी समूह के प्रवक्ता ने दावा किया है कि शनिवार को लगभग 25 ट्रकों ने पोर्ट में घुसने की कोशिश की लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा और दो ट्रकों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाज़ी की गयी। इसके बाद ही हिंसा का दौर शुरू हुआ। लेटिन कैथोलिक आर्कडायसीज़ ने बंदरगाह का विरोध कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए ट्रकों को अंदर जाने से रोक किया। इसके बाद, बंदरगाह का विरोध कर रहे लोगों का सामना स्थानीय हिंदू संगठनों से हुआ जो 7500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं।