कांगपोकपी में 48 घंटे के बंद का आह्वान
थाली और बर्तन बजाकर सरकार का विरोध
बारह आतंकवादी कैडरों की गिरफ्तारी हुई
अभियान में हथियार और ग्रेनेड जब्त
भुपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : मणिपुर में अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह के दौरान एक बार फिर से हिंसा, तनाव और सुरक्षा चुनौतियों का एक नया दौर शुरू हो गया है, जिसके चलते पिछले कुछ ही दिनों के भीतर 14 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। राज्य में लंबे समय तक लागू रहे राष्ट्रपति शासन के हटने और फरवरी 2026 में नई सरकार के कार्यभार संभालने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है। इस बार संघर्ष का दायरा केवल मैतेई और कुकी समुदायों तक सीमित न रहकर नागा समुदाय तक भी फैल चुका है। बिगड़ते हालातों के विरोध में 29 अक्टूबर 2026 को घाटी के पांच विभिन्न जिलों में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे और एक साझा ‘ध्वनि विरोध’ प्रदर्शन किया। इस अनोखे प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपने घरों की छतों और सड़कों पर उतरकर बर्तन, ढोल और हॉर्न बजाए तथा सरकार की नाकामी के खिलाफ जमकर अपनी आवाज बुलंद की।
इसी बीच, जनजातीय एकता समिति (सीओटीयू) ने दो कुकी युवाओं के कथित अपहरण की कड़ी निंदा करते हुए उनकी तत्काल, सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई की मांग की है। इसके विरोध में कांगपोकपी जिले में 29 अक्टूबर की शाम से 48 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया गया है, जो 31 अक्टूबर तक जारी रहने की उम्मीद है। जिन दो युवकों का अपहरण हुआ है, उनकी पहचान पाओमिनलाल चोंगलोई के पुत्र थांगगिनलुन चोंगलोई (21) और हाओलेट हेंगसिंग के पुत्र पाओगिनलाल हेंगसिंग (20) के रूप में की गई है। बताया गया कि 28 अक्टूबर को हेंगबंग और ताफौ कुकी गांव के बीच यात्रा करने के दौरान उनका अपहरण कर लिया गया था, जिसमें नागा आतंकवादियों के शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस बंद के दौरान दुकानें, बाजार, परिवहन, शैक्षणिक संस्थान और कार्यालय पूरी तरह बंद हैं, हालांकि चिकित्सा सेवाओं, मीडियाकर्मियों और सुरक्षा बलों को इस प्रतिबंध से विशेष छूट दी गई है।
दूसरी ओर, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों ने ताबड़तोड़ अभियान चलाए हैं। 28 अक्टूबर को मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों ने इंफाल पूर्व जिले के पुखाओ तेरापुर और थौबल जिले के इकोप पाट इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अत्याधुनिक पिस्तौल, सिंगल बैरल बंदूकें, हथगोले, डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री का भारी जखीरा बरामद किया। इसके अलावा, इम्फाल पूर्व में प्रतिबंधित संगठन आरपीएफ-पीएलए के 12 सक्रिय आतंकवादी कैडरों को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य खुफिया आधारित अभियान में चुराचंदपुर जिले से एक संदिग्ध बोलेरो वाहन से विदेशी निर्मित एके-सीरीज राइफल, एमए1 राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और करीब एक किलोग्राम ब्राउन शुगर भी जब्त की गई।
राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर, आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग ने राज्य के सुचारू संचालन के लिए 11 वरिष्ठ नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आईपीएस अधिकारी कामेई अंगम रोमानुस को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा योजना का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि अन्य अधिकारियों को आबकारी, खर्च निगरानी, परिवहन और साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य में अगले साल फरवरी-मार्च में संभावित विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति और तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।