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चक्रवाती तूफान अर्णव का राज्य में व्यापक असर

ओडिशा में नेपाल जैसी आपदा आयी

राज्य सरकार का आकलन फेल हुआ

अब भी तबाही झेल रहा गंजाम इलाका

मलकानगिरी में की गयी थी पूर्व तैयारी

प्रसन्न महांति

भुवनेश्वरः सिस्टम अर्णव ने ओडिशा में नेपाल जैसी आपदा ला दी है और इसके साथ ही सरकार का आकलन पूरी तरह फेल होता दिखा है। मौसम विभाग के पहले अलर्ट में कहा गया था कि अर्णव का सबसे ज्यादा असर मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर में होगा। इसी आकलन के आधार पर सरकार ने अपनी पूरी ताकत मलकानगिरी में झोंक दी। NDRF की 8 में से 6 टीमें, ओडीआरएफ की 100 से ज्यादा नावें और सीनियर अधिकारी सब मलकानगिरी में तैनात कर दिए गए। गंजाम के लिए सिर्फ हल्की बारिश का अनुमान लगाकर महज 2 टीमें छोड़ी गईं।

लेकिन अर्णव ने 29 अक्टूबर की रात अचानक अपना ट्रैक बदल दिया और मलकानगिरी की जगह सीधा गंजाम के गोपालपुर तट पर टकरा गया। इस बदलाव का नतीजा सामने है।मलकानगिरी में सिर्फ 65 एमएम बारिश हुई, जबकि गंजाम में 36 घंटे में 350 एमएम से ज्यादा रिकॉर्ड बारिश हुई।

घोड़ाहाड़ा और बघुआ डैम पहले से भरे थे। गंजाम में भारी बारिश के बाद रातों-रात बिना बड़े अलर्ट के 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। रुशिकुल्या नदी खतरे के निशान से 5 फीट ऊपर बहने लगी। बेरहामपुर शहर के खोडासिंगी, गणेश नगर में 4 से 5 फीट पानी है। एनएच -16 दो दिन से बंद है। एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज में पानी घुस गया है। आसका, छत्रपुर और पुरुषोत्तमपुर के 300 गांव जलमग्न हैं, 60 हजार लोग बेघर हैं और 10 हजार एकड़ धान की फसल तबाह हो गई है।

इस बाढ़ से गंजाम का गौरव कहे जाने वाले दुर्लभ कृष्णसार हिरण भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यह दुर्लभ प्रजाति का हिरण गंजाम के भेटनोई और बज्रकोट इलाके में बड़ी संख्या में पाया जाता है। बाढ़ से इनके घास के मैदान 4 फीट पानी में डूब गए हैं। चारा खत्म होने से सैकड़ों हिरण ऊंची जगहों पर भूखे-प्यासे फंसे हैं। कई हिरणों के बहने की भी खबर है।

वन विभाग की टीमें मलकानगिरी में फंसी होने से गंजाम में रेस्क्यू शुरू नहीं हो पाया है। आज मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से गंजाम का हवाई दौरा कर राहत तेज करने के निर्देश दिए, लेकिन अब सरकार के डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि सरकार का डिजास्टर मैनेजमेंट पूरी तरह फेल हो गया है। सिर्फ एक अनुमान के भरोसे सारी टीमें एक जगह लगा देना और गंजाम जैसे बड़े जिले को भगवान भरोसे छोड़ देना, सरकार की नाकामी दिखाता है। विपक्ष ने पूछा है कि जब आईएमडी हर घंटे ट्रैक बदलने की चेतावनी दे रहा था, तो सरकार ने अपना प्लान क्यों नहीं बदला।