मैनेजर सहित पांच निलंबित जांच जारी
ऐच्छर गांव की शाखा की यह घटना है
पकड़ में आने के बाद से बैंक बंद ही है
पैसा वापस लेने ग्राहकों की कतार लगी है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा के कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं। कम से कम 16 खाताधारकों, जिनमें से अधिकांश विरूंडी चक्रसेनपुर, बिरौंडा, ऐच्छर और साइट 4 इलाकों के किसान हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर कर्मचारियों पर अनुमानित 35 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के गबन का आरोप लगाया है।
बैंक ने शाखा प्रबंधक सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। ऐच्छर शाखा मंगलवार से बंद है, क्योंकि 10 लाख से 1.2 करोड़ रुपये तक गंवाने वाले कई खाताधारक अपने पैसे वापस पाने की मांग को लेकर बाहर एकत्र हो गए।
सेक्टर बीटा 2 थाने में दी गई शिकायतों में खाताधारकों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारियों ने उनकी एफडी को समय से पहले बंद कर दिया और बिना अनुमति के पैसे अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिए। कुछ ने आरोप लगाया कि उनके खातों से धोखाधड़ी से निकासी की गई और बाद में उनकी पासबुक में गलत प्रविष्टियां दर्ज की गईं।
शिकायतकर्ताओं में से एक, जय शिव ट्रांसपोर्ट के विनीत भाटी, अपने खाते से 25 लाख रुपये कथित तौर पर डायवर्ट होने के बाद मंगलवार को पुलिस स्टेशन पहुंचे। भाटी ने बताया कि वह हाल ही में म्यूचुअल फंड निवेश पर सलाह लेने शाखा गए थे, जहां शाखा प्रबंधक के निर्देश पर उन्होंने चेक और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे।
भाटी का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने पैसे उनके बचत खाते में भेजने के बजाय उसी नाम के दूसरे व्यक्ति के खाते में भेज दिए। उन्होंने शाखा जाकर इस गलती पर आपत्ति जताई और राशि अपने खाते में क्रेडिट करने का अनुरोध किया।
कर्मचारियों ने शुरुआत में उन्हें आश्वासन दिया कि राशि एक या दो दिन में वापस कर दी जाएगी। हालांकि, 26 अक्टूबर को उन्हें बताया गया कि बैंक मामले का आकलन कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद पैसा क्रेडिट कर दिया जाएगा। इसके बाद भाटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और बैंक कर्मचारी के साथ अपनी बातचीत की एक ऑडियो/वीडियो क्लिप भी सौंपी।
बुधवार को पुलिस ने सेक्टर बीटा 2 थाने में पीएनबी शाखा के कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की। इस एफआईआर में 16 शिकायतों को शामिल किया गया है। यह मामला सूरजपुर के विरूंडी चक्रसेनपुर गांव निवासी श्रीचंद के उस आरोप के बाद दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने ऐच्छर शाखा के अपने खाते से जुड़ी एफडी से 1.16 करोड़ रुपये के गबन का दावा किया था।