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दो छात्रों  को जेल भेजना शर्मनाकः आरके सिंह

देश के पूर्व भाजपा मंत्री ही अब मोदी सरकार के खिलाफ

अपने सेवाकाल तक का हवाला दिया

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है यह

देश की अगली पीढ़ी के साथ अन्याय

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः राजधानी दिल्ली के बहुचर्चित जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के युवा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बीते बुधवार यानी 14 अक्टूबर 2026 को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी रहे आरके सिंह ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है और इस दमनकारी कार्रवाई पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

आरके सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना एक वीडियो संदेश साझा करते हुए सरकार के इस कदम की तीव्र आलोचना की है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार को इस प्रकार के कृत्यों के लिए शर्म आनी चाहिए। अपने लंबे और विशिष्ट प्रशासनिक करियर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान कानून और व्यवस्था को बेहद करीब से और बहुत सख्ती से संभाला है। उन्होंने उप-जिलाधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट, प्रमंडलीय आयुक्त और राज्य के गृह सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, लेकिन अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने कभी भी किसी छात्र या कॉलेज में पढ़ने वाले युवा को सलाखों के पीछे नहीं भेजा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पुरानी कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को या तो समझा-बुझाकर तितर-बितर कर दिया जाता था, जरूरत पड़ने पर मामूली लाठीचार्ज का इस्तेमाल होता था या फिर अधिकतम दिनभर के लिए हिरासत में रखकर छोड़ दिया जाता था। उन्होंने वर्तमान प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए सवालिया लहजे में पूछा कि यह कैसी निकम्मी और असंवेदनशील व्यवस्था है जो अपनी बात रखने वाले मासूम छात्रों को सीधे जेल के रास्ते दिखा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अभी-अभी यह दुखद खबर देखी है कि आशुतोष रांका और सौरव दास जैसे दो युवाओं को केवल इसलिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया क्योंकि वे अपने हाथों में देश का तिरंगा झंडा थामे जंतर-मंतर पहुंचे थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे बच्चे तो राष्ट्रहित और देश के लिए ही आवाज बुलंद कर रहे थे। गौरतलब है कि इन दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष लगातार हमलावर है। इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और नेता प्रियंका भारती समेत कई अन्य दिग्गज नेताओं ने भी इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार को घेरा था। अब आरके सिंह जैसे वरिष्ठ नेता के इस तरह खुलकर मैदान में आने से यह मुद्दा और अधिक गंभीर हो गया है।