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लगातार साठ एंटीवेनम इंजेक्शनों ने बचायी उसकी जान

मौत के मुंह से वापस लौटे मिस्र के अब्दुल्ला

दिल धड़कना बंद हो चुका था

खेत में ही काम करते वक्त हादसा

तीन दिनों तक वेंटीलेटर पर रखा गया

फैयूमः मिस्र के फैयूम शहर से एक ऐसी हैरान कर देने वाली और चमत्कारिक घटना सामने आई है, जिसने मेडिकल दुनिया को भी अचंभित कर दिया है। यहाँ खेतों में काम कर रहे 40 वर्षीय अब्दुल्ला अबू ईशा को एक जहरीले सांप ने ऐसा डसा कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनका दिल धड़कना बंद हो गया और उनकी सांसें थम गईं। लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों और रिकॉर्ड 60 एंटीवेनम खुराकों के बल पर उन्हें मौत के मुंह से वापस खींच लिया गया।

यह सनसनीखेज मामला मिस्र की राजधानी काहिरा के दक्षिण-पश्चिम में स्थित फैयूम इलाके का है। अब्दुल्ला एक बरसीम के खेत में काम कर रहे थे, तभी उनके हाथ पर एक जहरीले सांप ने हमला कर दिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल्ला को सांप पकड़ने का पुराना शौक था। सांप के डसने के बाद भी उन्होंने उस जहरीले जीव को पकड़ने की कोशिश की, ताकि वह गाँव के किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुँचा सके। लेकिन इस कोशिश में जहर उनके शरीर में इतनी तेजी से फैला कि कुछ ही पलों में उनकी हालत गंभीर हो गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े।

जब परिजन उन्हें तामिया सेंट्रल अस्पताल ले कर पहुँचे, तो उनकी नब्ज पूरी तरह बंद थी और वे सांस नहीं ले पा रहे थे। डॉक्टरों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी रिससिटेशन शुरू किया और उनकी जान बचाई। इसके बाद उन्हें तुरंत इंटेंसिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया। जहर के गंभीर असर को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तीन दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा और इस दौरान उन्हें एंटीवेनम की कुल 60 खुराकें दी गईं। जहर नियंत्रण विशेषज्ञों की देखरेख में चले इस लंबे इलाज के बाद आखिरकार अब्दुल्ला की जान बचा ली गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मामलों में सांप का जहर इतनी तेजी से फैलता है कि मरीज के पास कुछ ही मिनटों का समय होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसी आपात स्थिति के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, सांप के काटने पर मरीज को जितना हो सके शांत रखना चाहिए और बिना देर किए अस्पताल पहुँचाना चाहिए। इसके अलावा, काटने के बाद सांप को पकड़ने की कोशिश करना, घाव को काटना, खून चूसना या बर्फ लगाना जानलेवा साबित हो सकता है।

जलवायु परिवर्तन और इंसानी बस्तियों के फैलने से वन्यजीवों और इंसानों का आमना-सामना बढ़ रहा है। मिस्र से लेकर फ्लोरिडा तक ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जो यह चेतावनी देते हैं कि प्रकृति के साथ मेलजोल में जरा सी भी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। फिलहाल, अब्दुल्ला अबू ईशा के ठीक होने को किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।