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सीएजी रिपोर्ट के बाद घमासान वित्त मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस

कुकी किसान का अपहरण और झोपड़ी जलायी गयी

बांग्लादेश से दो महिलाओँ को वापस लाएः गोगोई

देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखा पत्र

बुजुर्ग की रिहाई को लेकर चौबीस घंटे का अल्टीमेटम

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वित्तीय वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट ने मणिपुर की वित्तीय सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता कीशम मेघचंद्र ने इंफाल स्थित कांग्रेस भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर कड़ा प्रहार किया। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार कुल 37,392.66 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान में से 8,927.55 करोड़ रुपये (लगभग 23.88 प्रतिशत) खर्च करने में विफल रही। पूंजीगत बजट के मोर्चे पर स्थिति और भी चिंताजनक रही, जहां 8,989.60 करोड़ रुपये के आवंटन के मुकाबले केवल 2,704.23 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए।

मेघचंद्र ने कहा कि 6,285 करोड़ रुपये से अधिक की इस अव्ययित राशि के कारण स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सड़कों जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, केंद्रीय अनुदान में भी भारी कमी आई है, क्योंकि राज्य को 16,015.85 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट की तुलना में सिर्फ 5,473.21 करोड़ रुपये ही मिल सके। इन तमाम वित्तीय विफलताओं का हवाला देते हुए उन्होंने वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

दूसरी ओर, मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। खुनखो कुकी गांव के 71 वर्षीय किसान हेमजांग हाओकिप का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया है और उनके खेत की झोपड़ी में आग लगा दी गई है। स्थानीय कुकी संगठनों के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 की रात को एनएससीएन-आईएम से जुड़े होने के आरोपी हथियारबंद उग्रवादियों ने इस घटना को अंजाम दिया। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बुजुर्ग किसान के कपड़े (पतलून, शर्ट और स्वेटर) बरामद हुए हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। खुनखो कुकी विलेज अथॉरिटी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है और उन्हें 24 घंटे के भीतर सुरक्षित रिहा करने की मांग की है।

एक अन्य घटनाक्रम में, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार से असम के नगांव जिले की दो महिलाओं—जहांआरा बेगम और मुमताज बेगम—के मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है, जिन्हें जून 2026 में कथित तौर पर बांग्लादेश भेज दिया गया था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे पत्र में गोगोई ने बताया कि यह निष्कासन तब किया गया जब गौहाटी उच्च न्यायालय के समक्ष उनके मामले विचाराधीन थे और अदालत ने मामलों पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया था।