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शहबाज सरकार ने इमरान खान को डील का प्रस्ताव दिया

पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे कासिम खान ने नया प्रस्ताव का इशारा किया

एक इंटरव्यू में इसकी जानकारी दी है

वैसे पुख्ता सूचना होने से भी इंकार किया

जेल में उनकी सेहत काफी खराब चल रही है

लंदनः पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से सुगबुगाहट तेज हो गई है, क्योंकि जेल में बंद देश के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान की रिहाई को लेकर एक संभावित समझौते यानी डील की चर्चा जोर पकड़ रही है।

इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे कासिम खान ने एक इंटरव्यू के दौरान ऐसा बड़ा इशारा किया है, जिससे इन अटकलों को और अधिक बल मिला है। कासिम खान ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए गए अपने एक साक्षात्कार में दावा किया है कि मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार की तरफ से उनके पिता को जेल से बाहर निकालने और उनके तमाम मुकदमों को खत्म करने के एवज में एक राजनीतिक समझौते का विकल्प दिया जा सकता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की कोई पुख्ता या प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है कि पाकिस्तान के हुक्मरानों की तरफ से आधिकारिक रूप से ऐसा कोई प्रस्ताव वास्तव में दिया गया है या नहीं।

इमरान खान पिछले काफी समय से विभिन्न भ्रष्टाचार के मामलों और अन्य कानूनी आरोपों के चलते सलाखों के पीछे हैं। उन्हें कई मामलों में लंबी सजा सुनाई जा चुकी है। उनके परिवार और पार्टी के नेताओं का यह लगातार आरोप रहा है कि उन्हें बेहद दयनीय और अमानवीय परिस्थितियों में एक छोटी सी कोठरी में रखा गया है, जहां उन्हें धूप और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जाता है।

इसके अलावा, हाल के दिनों में उनकी बिगड़ती सेहत और आंखों की रोशनी कम होने की खबरों ने उनके समर्थकों और परिवार की चिंता को और अधिक बढ़ा दिया है। ऐसे में बेटे कासिम खान का यह बयान आया है कि व्यक्तिगत तौर पर वह यही चाहेंगे कि उनके पिता इस कथित डील को स्वीकार कर लें और अपनी स्वतंत्रता हासिल कर लें, क्योंकि पिछले सात महीनों से अधिक समय से उनका अपने पिता से कोई सीधा संपर्क या बातचीत नहीं हो पाई है।

इसके बावजूद, कासिम का मानना है कि उनके पिता इमरान खान इतनी आसानी से झुकने वाले शख्स नहीं हैं। वह अपने मजबूत राजनीतिक सिद्धांतों और उन अनगिनत राजनीतिक कैदियों के प्रति निष्ठा के कारण इस तरह के किसी भी समझौते को ठुकरा सकते हैं, जो इस समय जेल की सजा भुगत रहे हैं।

कासिम ने इस बात पर भी गहरा दुख जताया कि पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद उनके परिवार को इमरान खान से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का ऐसा मानना है कि यदि सरकार और पीटीआई के बीच पर्दे के पीछे किसी तरह की बातचीत चल रही है, तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान के राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, इमरान खान के कड़े तेवर और उनके बेटों के बयानों से यह साफ है कि उनकी रिहाई का यह रास्ता इतना आसान नहीं होने वाला है।