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जर्मनी में तेजी से बदल रहे हैं राजनीतिक समीकरण

वामपंथी पार्टी का ग्रीन और एसडीपी के साथ बातचीत

बर्लिनः जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हाल ही में संपन्न हुए अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद अब राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। चुनावों में स्पष्ट बहुमत और सबसे बड़े विजेता के रूप में उभरने वाली द लेफ्ट पार्टी ने अब जर्मन राजधानी में एक नई और स्थिर सरकार के गठन की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है।

इसी कड़ी में पार्टी ने ग्रीन पार्टी और सोशल डेमोक्रेट्स के साथ विधिवत शुरुआती और अनौपचारिक बातचीत शुरू करने की एक सुव्यवस्थित योजना तैयार की है। बीते शुक्रवार की शाम को आयोजित हुए एक विशेष पार्टी सम्मेलन के दौरान, प्रतिनिधियों ने इस रणनीतिक राजनीतिक कदम को भारी-भरकम बहुमत के साथ अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब इस धुर-वामपंथी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा दोनों प्रमुख दलों को औपचारिक आमंत्रण भेजे जाने की पूरी संभावना है, जिसके बाद अगले सप्ताह से ही बहुप्रतीक्षित वार्ताओं का दौर धरातल पर शुरू हो सकता है।

भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों को स्पष्ट करते हुए वामपंथी दल ने यह तय किया है कि वे सीधे तौर पर किसी त्रिपक्षीय या तीन-पक्षीय चर्चा में कूदने के बजाय, पहले ग्रीन पार्टी और एसडीपी दोनों दलों के साथ अलग-अलग बैठकर द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे। जहां एक ओर ग्रीन पार्टी ने इस प्रारंभिक राजनीतिक वार्ता के लिए अपनी रजामंदी और सहमति दे दी है, वहीं दूसरी ओर बर्लिन एसडीपी के वरिष्ठ नेता स्टीफन क्राच ने भी इस बैठक प्रक्रिया में सकारात्मक रूप से भाग लेने की अपनी इच्छा खुलकर व्यक्त की है।

हालांकि, श्री क्राच ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया है कि इन शुरुआती बैठकों में शामिल होने का यह कतई अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए कि ये चर्चाएं स्वतः ही स्वचालित रूप से किसी अंतिम और औपचारिक गठबंधन वार्ताओं में परिवर्तित हो जाएंगी।

यदि हम हालिया बर्लिन राज्य चुनावों के चुनावी गणित और जनमत पर नजर डालें, तो वामपंथी पार्टी ने पिछले रविवार को हुए राज्य संसद के चुनावों में 25.7 फीसद का मजबूत मत प्रतिशत हासिल करते हुए शानदार जीत दर्ज की थी। इसके ठीक बाद, रूढ़िवादी विचारधारा वाले क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स को 18.8 फीसद, धुर-दक्षिणपंथी माने जाने वाले अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) दल को 16.3 फीसद, ग्रीन पार्टी को 14.3 फीसद और एसडीपी को 12.1 फीसद वोट प्राप्त हुए थे।

वर्तमान समय में बर्लिन शहर की सत्ता की बागडोर सीडीयू-एसडीपी के मौजूदा गठबंधन के हाथों में है। परंतु, इस बार के चुनाव परिणामों के बाद जो दलीय स्थिति बनी है, उसके तहत केवल तीन-दलीय गठबंधनों के पास ही सरकार चलाने के लिए आवश्यक जादुई बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने लायक पर्याप्त सीटें मौजूद हैं।