दिशा सालियन मामला में शिवसेना नेता का बड़ा बयान
मराठा आंदोलन से ध्यान भटका रही सरकार
मामले में दरअसल कोई दम नहीं है
चुनाव से पहले साजिश हो रही है
राष्ट्रीय खबर
मुंबई: शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिशा सालियन की मौत के मामले में सीबीआई की प्राथमिकी ठाकरे परिवार की छवि को धूमिल करने के लिए रची गई एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुंबई पुलिस इस मामले की पहले ही गहन जांच कर चुकी है और उसे इस मामले तथा शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे के बीच कोई संबंध नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नई सीबीआई जांच का इस्तेमाल विशेष रूप से आदित्य ठाकरे को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं।
राउत ने कहा कि जिस तरह से इस मामले को अदालत में ले जाया गया और सीबीआई जांच का आदेश दिया गया, वह सोची-साझी साजिश है। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार एफआईआर में किसी का नाम नहीं है, फिर भी मीडिया में जानबूझकर नाम उछाले जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस जांच का मकसद मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन से ध्यान भटकाना या संसद में परिसीमन विधेयक को लेकर शिवसेना पर दबाव बनाना है।
राउत ने इस घटनाक्रम को सुप्रीम कोर्ट में चल रहे शिवसेना के धनुष-बाण चुनाव चिह्न विवाद से भी जोड़ा, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शाइंदे के गुट के पास है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ठाकरे परिवार के खिलाफ एक नया अभियान शुरू किया गया है।
गौरतलब है कि 28 वर्षीय दिशा सालियन, जो अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक थीं, 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 12वीं मंजिल से गिरकर मृत पाई गई थीं। मुंबई पुलिस ने उस समय दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर इसे आत्महत्या करार दिया था, जिसके कुछ दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत भी मृत पाए गए थे।