गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई प्रतिबंध के बाद भी जारी
येरूशलमः इजराइल डिफेंस फोर्सेस और शिन बेट (इजराइल सुरक्षा एजेंसी) ने पिछले कुछ हफ्तों से गाजा पट्टी में आतंकवाद विरोधी अभियानों को और अधिक तेज कर दिया है। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य हमास के आतंकवादियों का सफाया करना और उनके पुनर्निर्माण के प्रयासों को कम से कम करना है।
आईडीएफ ने सोमवार को गाजा पट्टी में अपनी आतंकवाद विरोधी कार्रवाई जारी रखते हुए हमास के आतंकवादियों को निशाना बनाकर पांच सटीक हमले किए। पूरे दिन चले इन अभियानों में कमान और बल-निर्माण पदों पर कार्यरत कम से कम चार आतंकवादी मारे गए, जबकि रात भर चले एक हमले में अल-कसम ब्रिगेड की गाजा सिटी ब्रिगेड के एक शीर्ष कमांडर को ढेर कर दिया गया।
एन12 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए इस कमांडर की पहचान अहमद अल-बतेच अबू ओसामा के रूप में हुई है, जिसे उसकी गाड़ी पर किए गए एक हवाई हमले में मार गिराया गया। इसके अलावा, एक अन्य आतंकवादी खान यूनिस में एक तंबू के अंदर छिपा हुआ था, जिसके दक्षिणी हिस्से पर वर्तमान में आईडीएफ का पूर्ण नियंत्रण है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, आईडीएफ और शिन बेट ने दीर अल-बलाह, दराज अल-तुफ्वाह और शिफा अस्पताल के पास गाजा सिटी में कई ठिकानों को निशाना बनाया। पिछले हफ्ते ही आईडीएफ ने शिफा अस्पताल के पास एक हथियार भंडारण सुविधा पर भी एक बड़ा अभियान चलाया था। ये सभी हमले शिन बेट और सैन्य खुफिया निदेशालय से प्राप्त सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर किए गए थे।
पिछले कुछ हफ्तों में आईडीएफ और शिन बेट ने गाजा में हमास के खिलाफ अपने अभियानों की गति काफी बढ़ा दी है। इन हमलों में उन अधिकारियों को भी विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है जो गाजा में इस आतंकवादी संगठन के पुनर्निर्माण और इसकी सैन्य क्षमताओं को पुनर्जीवित करने के कार्यों में शामिल हैं।
दूसरी ओर, शिन बेट की निली यूनिट—जिसे 2023 में 7 अक्टूबर के नरसंहार में शामिल हमास के सदस्यों का पता लगाने और उन्हें खत्म करने के लिए स्थापित किया गया था—लगातार उन आतंकवादियों की तलाश कर रही है जो उस हमले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। इसके साथ ही, सुरक्षा बल हमास की हथियार हासिल करने की क्षमता को भी पूरी तरह से नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वायुसेना ने पिछले दो हफ्तों में इस आतंकवादी संगठन के लगभग 20 हथियार भंडारों के साथ-साथ हथियार उत्पादन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कार्यशालाओं और प्रयोगशालाओं पर भी बमबारी की है।