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सेंटकॉम ने कई ईरानी टैंकरों को तबाह करने का दावा किया

ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद कार्रवाई

रियाधः अमरीकी सेना की सेंटकॉम ने घोषणा की है कि ईरान द्वारा अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने के जवाब में उसने ओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के पास कई ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को तबाह कर दिया है। अमेरिकी मध्य कमान ने स्पष्ट किया कि हमलों से पहले चालक दल को जहाज छोड़ने के निर्देश दिए गए थे। यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी पोत पर किए गए दो विफल मिसाइल हमलों के बाद की गई। इस संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े के करीब पहुँच गई हैं।

इसके जवाब में, आईआरजीसी ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागकर हमला करने का दावा किया, हालांकि जॉर्डन की रक्षा प्रणालियों ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। आईआरजीसी नौसेना ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों के चालकों को तुरंत जहाज छोड़ने की चेतावनी दी है। इस बीच, यमन के ईरान समर्थित हूथियों द्वारा सऊदी अरब के चार शहरों पर भीषण हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध और चौड़ा हो गया है। अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कोलंबिया यात्रा के दौरान चेतावनी देते हुए कहा, ईरान जितनी बार भी हमारे नौसैनिक जहाजों पर हमला करने की कोशिश करेगा, उसे अपने तेल टैंकर गंवाने पड़ेंगे।

इस तनाव की शुरुआत हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमरीकी अंडरवाटर ड्रोन को लेकर हुए विवाद से हुई थी। ईरान ने दावा किया था कि उसने अमरीकी ड्रोन को जब्त कर लिया है, जबकि अमेरिकी सेना ने इसे एक पुराना व खराब मॉडल बताते हुए किसी भी संवेदनशील डेटा के नुकसान से इनकार किया। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जहां से दुनिया का लगभग 20 फीसद तेल और गैस गुजरता है, वहां ईरान द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और अमेरिकी नाकेबंदी के कारण समुद्री आवाजाही ठप हो गई है। इस संकट पर चर्चा के लिए दक्षिण कोरिया और फ्रांस के शीर्ष नेताओं ने पेरिस में बैठक की, जबकि दक्षिण कोरिया ने क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए अपना एक निरीक्षण दल भी यूएई भेजा है।