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दिल्ली के सत्यानिकेतन हादसे पर सीजेपी का हस्तक्षेप

एक करोड़ मुआवजा और जांच की मांग कर दी

ऐसे सभी भवनों की भौतिक जांच हो

सरकार अपनी ओर से छात्रावास दें

फालतू बयानबाजी से काम नहीं चलेगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास ने दिल्ली के सत्या निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने की घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। इस हादसे में पांच छात्रों और दो मजदूरों समेत सात लोगों की मौत हो गई। दास ने कहा कि देश का युवा जाग चुका है और जब वह सरकार से सवाल पूछता है, तो उसे नाराज फूफा और दिमागी नक्सल जैसे टैग दिए जाते हैं। सीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं को कॉकरोच की तरह रहने के लिए छोड़ दिया है।

सत्या निकेतन त्रासदी के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार के समक्ष सीजेपी की ओर से सात प्रमुख मांगें रखी हैं। केवल मकान मालिक ही नहीं, बल्कि मालिक, राजनेताओं और अन्य प्रभावी लोगों के बीच साठगांठ की स्वतंत्र आपराधिक जांच की जाए और बड़े पीजी माफिया की पोल खोली जाए।

सरकार समय सीमा तय कर इमारतों—विशेषकर स्कूलों, कॉलेजों और छात्रों के आवासों—का इंजीनियरिंग-ग्रेड स्ट्रक्चरल ऑडिट शुरू करे, छात्रों का पुनर्वास करे और अवैध निर्माणों को सील कर मालिकों पर जुर्माना लगाए।  3 जून 2026 के हौज रानी हादसे के बाद गठित 13 जिला समितियों के सभी रिकॉर्ड, प्रवर्तन रिपोर्ट और सत्या निकेतन सर्वेक्षण के डेटा को 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक किया जाए। इसमें यह भी स्पष्ट किया जाए कि क्या सत्या निकेतन का सर्वेक्षण हुआ था, और यदि नहीं, तो इस प्रमुख छात्र हब को क्यों छोड़ दिया गया। एक ऐसा सार्वजनिक डेटाबेस तैयार किया जाए जिससे छात्र आसानी से जांच सकें कि उनका पीजी या छात्र आवास स्वीकृत और सुरक्षित है या नहीं।

दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य छात्रों के लिए अधिक से अधिक सरकारी हॉस्टलों का निर्माण किया जाए। वर्तमान में लाखों छात्रों के मुकाबले डीयू के हॉस्टलों में केवल 7,000 छात्रों के रहने की क्षमता है।  मृतक छात्रों व मजदूरों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों को 20-20 लाख रुपये का तत्काल वित्तीय मुआवजा दिया जाए।  दिल्ली के शहरी विकास एवं शिक्षा मंत्री आशीष सूद की सीधी जवाबदेही तय की जाए और यह सवाल पूछा जाए कि उनके प्रशासन के तहत इन 13 जिला समितियों का काम क्यों ठप हो गया।