छात्रों के मुद्दे पर कैबिनेट उपसमिति गठित कर दी
खादर को कमेटी का अध्यक्ष बनाया
यह कमेटी सभी मुद्दों पर विचार करेगी
अभिभावकों से भी सलाह ली जाएगी
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः कर्नाटक सरकार ने राज्य के छात्रों की समस्याओं को समझने, उनके समाधान खोजने और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की सिफारिश करने के लिए पांच सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू. टी. खादर को इस उच्च स्तरीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस उप-समिति में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी, गृह एवं आईटी-बीटी मंत्री प्रियंक खरगे, चिकित्सा शिक्षा व कौशल विकास मंत्री शरण प्रकाश पाटिल और स्कूली शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। राज्य सरकार के सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, इस समिति का गठन कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर किया गया है।
कैबिनेट उप-समिति को मुख्य रूप से छह प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंपने का जिम्मा सौंपा गया है। प्रश्न पत्र लीक होने और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली को रोकना तथा परीक्षाओं और भर्तियों के लिए एक निश्चित समयबद्ध कैलेंडर तैयार करना। निजी शिक्षण संस्थानों की फीस पर रोक लगाना और निजी कोचिंग सेंटरों के कामकाज पर निगरानी रखकर परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना।
सरकारी स्कूलों, पीयू कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करना, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और हॉस्टलों जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाना। पाठ्यक्रम को आधुनिक उद्योग और रोजगार की जरूरतों के अनुसार ढालना, ताकि छात्रों को इंटर्नशिप और कौशल विकास के सीधे अवसर मिल सकें। कोचिंग हबों और हॉस्टलों में पढ़ाई के तनाव को कम करने के लिए काउंसलिंग सुविधाएं बढ़ाना और आत्महत्या रोकने के लिए ठोस तंत्र विकसित करना। अनुसूचित जाति- जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार करना। यह समिति छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करके एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।