तमिलनाडु विधानसभा के सत्र के दौरान एक अभूतपूर्व घटना घटी
विधानसभा में पहली बार ऐसी घटना दिखी
वहां बैठकर साथियों से विचार भी करते रहे
सत्ता संभालने के बाद से लगातार सुर्खियों में
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः राज्य के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने कल एक अनोखी मिसाल कायम की। मुख्यमंत्री के लिए विधानसभा में स्थापित विशेष और आधिकारिक कुर्सी को छोड़कर विजय सदन के दोपहर के सत्र में सीधे अपने कैबिनेट मंत्रियों की कतार में जाकर बैठ गए। तमिलनाडु के संसदीय इतिहास में किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा अपनी आरक्षित सीट छोड़ मंत्रियों के साथ बैठने की यह पहली घटना है, जिसने राजनीति और सोशल मीडिया दोनों जगह व्यापक चर्चा बटोरी है।
संसदीय नियमों और 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा की पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार, मुख्यमंत्री के लिए अध्यक्ष (स्पीकर) की कुर्सी के दाहिनी ओर एक अलग और प्रमुख सीट निर्धारित होती है। मंत्रियों को उनके अनुभव और वरिष्ठता के क्रम में पहली पंक्ति की अन्य सीटों पर बैठाया जाता है, जबकि उनके सामने विपक्ष के नेता और अन्य दलों के विधायक बैठते हैं। हालांकि, सत्र के दौरान विजय संक्षिप्त समय के लिए अपनी आधिकारिक कुर्सी पर बैठे और फिर मंत्रियों वाली पंक्ति में चले गए। वे सदन के नेता व वरिष्ठ मंत्री के. ए. सेंगोट्टैयन और मंत्री आधव अर्जुन के बीच वाली सीट पर जा बैठे और कार्यवाही के दौरान मंत्रियों से विचार-विमर्श करते रहे।
संसदीय विशेषज्ञों के अनुसार, यद्यपि सदस्य सदन के भीतर अनौपचारिक चर्चा के लिए थोड़ी देर के लिए एक-दूसरे की सीट पर जाते रहते हैं, लेकिन एक मुख्यमंत्री का अपनी मुख्य सीट त्यागकर पूरे सत्र के दौरान मंत्रियों के साथ बैठना अत्यंत दुर्लभ और पहली बार देखने को मिला है। इस कदम को विजय की समानता और सुलभता वाली राजनीतिक शैली के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में राज्य की सत्ता संभालने के बाद से टीवीके प्रमुख विजय अपने फैसलों से लगातार सुर्खियों में हैं। उनकी सरकार द्वारा दूध उत्पादकों के लिए मूल्य वृद्धि, महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए तीन बच्चों तक एक वर्ष का मातृत्व अवकाश और विधायकों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी जैसे कई बड़े ऐलान किए गए हैं। विधानसभा में उनके इस अप्रत्याशित व्यवहार ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।