Breaking News in Hindi

सोनौली सीमा पर सोलह किलोमीटर लंबा जाम

नेपाल के बाढ़ का असर अब भारत पर आने लगा है

सभी मार्गों की एक जैसी हालत हो गयी

सात शव भी बहकर नेपाल से आये हैं

अब पानी का स्तर भी बढ़ने लगा है

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः नेपाल में आई आकस्मिक बाढ़ के कारण भारत के साथ सीमापार व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के रास्ते काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों में जाने वाले मालवाहक वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है, क्योंकि सीमा पार की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त और जलमग्न हैं।इधर बिहार से जुड़ने वाली सड़कों पर भी इसका असर दिखने लगा है।

मिली जानकारी के अनुसार, महराजगंज में सोनौली सीमा के भारतीय हिस्से पर नेपाल में प्रवेश का इंतजार कर रहे मालवाहक ट्रकों की लगभग 16 किलोमीटर लंबी कतार लग गई है। कई मुख्य मार्गों पर यातायात ठप होने के कारण काठमांडू और नेपाल के अन्य इलाकों में जाने वाले वाहनों को भारी देरी का सामना करना पड़ रहा है। यह कतार नौतनवा की ओर बढ़ गई है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामान्य आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और यातायात को नियंत्रित कर रहे हैं।

इस बाढ़ से नेपाल में काम करने वाले महराजगंज के स्थानीय निवासियों का दैनिक आवागमन भी प्रभावित हुआ है। क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि सोनौली सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सीमावर्ती थाना प्रमुखों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी बीच, नेपाल से बहकर आने वाली नदियों से भारतीय अधिकारियों ने सात शव बरामद किए हैं। ये शव उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों की नदियों में तैरते पाए गए, जो नेपाल के बाढ़ प्रभावित चितवन क्षेत्र से सटे हैं। महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि गुरुवार को जिले में चार अज्ञात शव मिले, जिनके नेपाल की बाढ़ में बहकर भारत आने की आशंका है। वहीं, सीमा से 70 किलोमीटर दूर कुशीनगर में तीन और शव बरामद हुए। अधिकारी इनकी पहचान करने में जुटे हैं।

नेपाल में अब तक 469 और चीन में तीन लोगों की मौत के साथ कुल मृतक संख्या 472 तक पहुँच चुकी है, जबकि 1,400 से अधिक लोग लापता हैं। भारत में मिले सात शवों को फिलहाल इस आधिकारिक आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है।