रात को चलाये गये अभियान के बाद लोगों ने राहत की सांस ली
बर्लिन: जर्मनी की राजधानी बर्लिन के नोइकॉन जिले में मिला दूसरी विश्व युद्ध कालीन 100 किलोग्राम का एक शक्तिशाली बम बुधवार देर रात सुरक्षा बलों द्वारा सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया गया। बम के पूरी तरह से निष्क्रिय होने के बाद प्रशासन ने आधी रात से ठीक पहले हजारों प्रभावित निवासियों को सुरक्षित अपने घरों में वापस लौटने की अनुमति दे दी।
यह खतरनाक विस्फोटक बम जिले की एक नहर की खुदाई और नियमित निगरानी के दौरान पाया गया था। बम मिलने की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास 500 मीटर के दायरे में एक सख्त नो-गो ज़ोन स्थापित कर दिया। इस सुरक्षा घेरे के भीतर आने वाले लगभग 5,600 घरों के निवासियों को तुरंत इलाका खाली करने के आदेश जारी किए गए।
पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर लगे वाहनों का उपयोग किया और घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने के निर्देश दिए। पुलिस प्रवक्ता फ्लोरियन नाथ ने मीडिया को बताया कि प्रतिबंधित घेरे के अंदर कई संवेदनशील देखभाल केंद्र स्थित थे, जिसके कारण बुजुर्गों और मरीजों की निकासी में सामान्य से थोड़ा अधिक समय लगा। इस बड़े सुरक्षा अभियान के चलते शहर की सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी अस्थायी रूप से प्रभावित रहीं।
इस व्यापक और जटिल ऑपरेशन में लगभग 200 पुलिस अधिकारी, अग्निशमन कर्मी, ‘फेडरल एजेंसी फॉर टेक्निकल रिलीफ’ और अन्य आपातकालीन सेवाएं लगातार जुटी रहीं। जर्मन रेड क्रॉस ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि स्थानीय जिला प्रशासन ने विस्थापित हुए लगभग 200 लोगों के लिए अस्थायी आपातकालीन आवास और भोजन की व्यवस्था की। पुलिस ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने के दशकों बाद भी बर्लिन की मिट्टी में आज भी हर साल कई जीवित बम मिलते रहते हैं।