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अजीत डोभाल के चीन दौरे से सीमा विवाद पर सहमति

सीमा विवाद सुलझाने पर आठ सूत्री समझौता

संयुक्त बयान जारी किया गया है

दोनों देश कूटनीतिक वार्ता जारी रखेंगे

विशेष कार्य समूहों का गठन किया गया

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्लीः भारत और चीन ने बुधवार को एक दुर्लभ संयुक्त बयान जारी कर सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधियों (स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स – एसआर) की वार्ता के बाद महत्वपूर्ण 8-सूत्रीय सहमति की घोषणा की है। भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की सह-अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। अगले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से ठीक पहले सीमा वार्ता में मिली इस सकारात्मक प्रगति से दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के संकेत मिले हैं।

दोनों देशों ने सीमा विवाद के त्वरित समाधान (अर्ली एंड सब्स्टांशियल हार्वेस्ट) की दिशा में कदम बढ़ाते हुए निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति व्यक्त की है। सीमा परिसीमन व प्रबंधन: सीमा परिसीमन का जल्द समाधान निकालने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की समझ में सुधार करने पर जोर। दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर की बातचीत को और अधिक मजबूत करना। सीमा पार व्यापार को फिर से गति देने और नदी जल डेटा साझा करने के सहयोग को बढ़ाना।

वर्ष 2024 की वार्ता के परिणामों को आगे बढ़ाते हुए दोनों पक्षों ने निर्णय लिया है कि सीमा परिसीमन पर गठित विशेषज्ञ समूह और सीमा प्रबंधन पर गठित कार्य समूह जल्द ही अपनी संदर्भ शर्तों (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) को अंतिम रूप देंगे। सीमा पर शांति बनाए रखने और जमीनी स्तर पर तनाव घटाने के लिए पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में सैन्य वार्ता हेतु 2 नए मीटिंग प्वाइंट (बैठक स्थल) और 2 नई सैन्य ‘हॉटलाइन’ स्थापित करने पर सहमति बनी है।

दोनों देशों ने वर्ष 2005 में हस्ताक्षरित राजनीतिक मापदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों के आधार पर सीमा विवाद का एक निष्पक्ष, तर्कसंगत और परस्पर स्वीकार्य समाधान खोजने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मौजूदा विवादों को परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र (डब्लूएमसीसी) तथा स्थानीय कमांडर-स्तरीय बैठकों के माध्यम से सुलझाने पर बल दिया गया। इसके साथ ही, भारतीय पक्ष ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर यात्रा के जत्थों की संख्या बढ़ाने और सुविधाओं के विस्तार के लिए चीन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।