महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा के पेपर लीक पर कार्रवाई
पेपर लीक की जांच की गयी थी
धीरे धीरे संदिग्ध पकड़ में आये
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः मुंबई क्राइम ब्रांच ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आयोग के तीन अधिकारियों सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे के बाद भर्ती परीक्षा में शामिल हुए हजारों अभ्यर्थियों में रोष फैल गया है।
एमपीएससी द्वारा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के तहत ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप B) के पदों के लिए 22 मार्च 2026 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले ही अनधिकृत व्यक्तियों तक प्रश्न पत्र पहुंचा दिए गए थे। प्रारंभिक जांच में लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
पुलिस कार्रवाई करते हुए आयोग के सहायक अनुभाग अधिकारी विश्वेश्वर दत्तात्रेय नाकाटे, गोपाल भटू मराठे और अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंडवे को गिरफ्तार किया। इनके साथ ही नंदुरबार स्थित कौटिल्य अकादमी के निदेशक प्रवीण दिलीप पाटिल, अमृत नामदेव पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल को भी पकड़ा गया।
मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब लोकेश पाटिल खुद को विसलब्लोअर बताकर आयोग कार्यालय पहुंचा। जांच में खुलासा हुआ कि वह मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था। उसने अपनी पूर्व प्रेमिका को उसके पिता के माध्यम से लीक पेपर उपलब्ध कराया था, जिससे उस महिला ने सूची में 7वीं रैंक हासिल की थी। सभी 6 आरोपियों को मुंबई सत्र अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। आयोग जल्द ही अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करेगा।