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राज्यों को करों की अग्रिम किस्त जारी की गयी

कई स्तरों पर शिकायत मिलने के बाद केंद्र की कार्रवाई

यूपी को सबसे अधिक पैसे मिले हैं

अग्रिम किश्त राज्य की मदद के लिए

योजनाओं में धन की कमी पूरी होगी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को वित्तीय मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से कर हस्तांतरण के तहत 1,09,019 करोड़ रुपये की अग्रिम किस्त जारी की है। यह राशि सामान्य मासिक आवंटन से पहले जारी की गई है, जो आमतौर पर 10 अगस्त को निर्धारित होती है। केंद्र सरकार के इस कदम का मुख्य लक्ष्य राज्यों के वित्त को सुदृढ़ करना और देश भर में पूंजीगत एवं विकासात्मक व्यय में तेजी लाना है।

वित्तीय सहायता का विवरण देखें तो इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 19,208 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये की राशि मिली है। अन्य प्रमुख राज्यों में पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है।

यह अग्रिम किस्त केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत वह राज्यों के राजकोषीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और उन्हें अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बिना किसी देरी के पूरा करने में सक्षम बनाना चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों के पास धन की उपलब्धता बढ़ने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस अतिरिक्त तरलता से राज्यों को न केवल अपनी चल रही कल्याणकारी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी, बल्कि वे आने वाले महीनों के लिए बेहतर वित्तीय नियोजन भी कर सकेंगे।

राजकोषीय संघीय ढांचे के अंतर्गत यह हस्तांतरण राज्यों की स्वायत्तता और उनकी विकासात्मक प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण संबल है। केंद्र द्वारा समय से पहले जारी की गई यह बड़ी धनराशि राज्य सरकारों को बजटीय चुनौतियों से निपटने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में सीधा सहयोग प्रदान करेगी। यह कदम सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करता है और यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे। राज्यों के पास यह अतिरिक्त कोष आने से अर्थव्यवस्था में समग्र मांग और निवेश के माहौल में भी सुधार होने की संभावना है।