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कूड़े का ढेर ढहने से तीस लोगों की मौत

गिनी से बहुत बड़े हादसे की खबर आने लगी है

कोनाक्रीः पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में एक भीषण प्राकृतिक और मानवीय आपदा सामने आई है। शहर के सबसे बड़े लैंडफिल (कचरा डंपिंग साइट) में कचरे का एक विशाल पहाड़ अचानक ढह जाने से कम से कम 30 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना ने स्थानीय प्रशासन और पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

सरकारी बयान के अनुसार, यह भयंकर हादसा कोनाक्री के बेस्सिया जिले के डार-ए-सलाम पड़ोस में स्थित विशाल कचरा डंपिंग साइट पर हुआ। पिछले कुछ समय से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इस लैंडफिल में अचानक भीषण भूस्खलन हो गया। कचरे और मलबे का भारी पहाड़ ढहकर सीधे आसपास बसी गरीब बस्तियों और झुग्गियों पर आ गिरा, जिससे कई परिवार मलबे के नीचे दब गए। इस दुर्घटना में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई है, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक तंत्र हरकत में आ गया। मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश करने, घायलों को त्वरित चिकित्सीय सहायता पहुंचाने और शवों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री और मानव संसाधन तैनात किए गए हैं। गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओउरी बा ने व्यक्तिगत रूप से दुर्घटना स्थल का दौरा किया और वहां चल रहे बचाव अभियानों का जायजा लिया। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और बचा-कर्मियों का कहना है कि मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते मरने वालों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

इस दुखद घटना ने शहर की कचरा प्रबंधन प्रणालियों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के स्वच्छता अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्दे मामादौ बैलो ने जानकारी दी कि इस खतरनाक लैंडफिल स्थल को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश पहले ही आगामी रविवार के लिए निर्धारित किया जा चुका था, लेकिन समय रहते उठाए गए कदम इस त्रासदी को टाल नहीं सके।

देश के मुख्य विपक्षी नेताओं में से एक और पूर्व प्रधानमंत्री सेलौ दलेन डियालो ने इस दुर्घटना को एक गहरा राष्ट्रीय आघात और बड़ी त्रासदी करार दिया है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और इस तरह के जोखिम भरे क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।