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दुनिया के इक्कीस पूर्व कप्तानों ने संयुक्त पत्र लिखा है

इमरान खान को बेहतर ईलाज देने का अनुरोध

इस्लामाबादः दुनिया भर के 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को पत्र लिखकर पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य और उचित चिकित्सा देखभाल की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर भी शामिल हैं। पिछले छह महीनों में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को कप्तानों का यह दूसरा पत्र है। इससे पहले फरवरी में 14 पूर्व कप्तानों ने पत्र लिखकर चिंता जताई थी। अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इमरान खान को चिकित्सीय जांच के लिए एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। वहां जांच पूरी होने के तुरंत बाद डाक्टरी रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्हें वापस जेल ले जाया गया। इसमें दलील दी गयी थी कि डाक्टरों ने जांच के बाद इमरान खान को पूरी तरह स्वस्थ्य पाया है।

नए पत्र में कप्तानों ने कहा है कि वे किसी राजनीति के तहत नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान की पुरानी साथी और प्रतिद्वंद्वी भावनाओं के नाते लिख रहे हैं, जो सीमाओं और विवादों से परे है। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें इमरान खान को एक चिकित्सा बोर्ड द्वारा जांच के लिए अस्पताल ले जाने को कहा गया था। इस बोर्ड में उनके अपने निजी चिकित्सक और उनकी बहन डॉ. उज्मा खान भी शामिल थीं।

हालांकि, चिंता जताते हुए पत्र में कहा गया है कि इमरान खान का अस्पताल का दौरा केवल कुछ घंटों का था और उन्हें अदालत के निर्देश के बजाय एक राज्य-नियुक्त टीम द्वारा जांचा गया।  उन्हें बिना स्वतंत्र जांच पूरी हुए वापस आदियाला जेल भेज दिया गया, जिसे उनके परिवार और कानूनी टीम ने अदालत के आदेश की अवहेलना बताया है।

पूर्व कप्तानों ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के सामने तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित मेडिकल बोर्ड (जिसमें उनके अपने डॉक्टर भी शामिल हों) को इमरान खान के स्वास्थ्य का स्वतंत्र और पूर्ण मूल्यांकन करने की अनुमति दी जाए, विशेष रूप से उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि के संबंध में। अदालत द्वारा बहाल की गई साप्ताहिक पारिवारिक मुलाकातों को बिना किसी प्रशासनिक देरी या रुकावट के सुनिश्चित किया जाए।  चिकित्सा मूल्यांकन के बाद जो भी उपचार सुझाया जाए, उसे बिना किसी देरी के प्रदान किया जाए। 73 वर्षीय इमरान खान पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से हिरासत में हैं। कप्तानों ने जोर देकर कहा कि कानूनी और राजनीतिक बहसों से परे, अदालत द्वारा आदेशित चिकित्सा प्रक्रिया को पूरा करना बुनियादी मानवीय शिष्टाचार का मामला है।