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वारिस पंजाब दे कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प

अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर मार्च

राज्यपाल और सीएम को घेराव करना था

बीच रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया

डिब्रूगढ़ जेल में बंद है खडूर साहिब के सांसद

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थकों और पुलिस के बीच भारी हंगामा और झड़प हो गई। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स और पानी की बौछार (वाटर कैनन) वाली गाड़ियों सहित कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया।

यह मार्च सुबह करीब 10 बजे मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब से शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के आवासों का घेराव करना था।

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत का आदेश हटने के बावजूद अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए, जिनमें से कई के हाथों में अमृतपाल सिंह की तस्वीर वाले झंडे थे।  चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी और बहुस्तरीय बैरिकेड्स लगाए गए थे। तनाव तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस को पानी की बौछारों का प्रयोग करना पड़ा।

कुछ प्रदर्शनकारी पानी की बौछार करने वाले वाहन पर चढ़ गए, जबकि अन्य ने बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका और पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारी तलवारों सहित हथियार लेकर आए थे। वहीं दूसरी ओर, अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने दावा किया कि यह मार्च मुख्य रूप से शांतिपूर्ण था और झड़प के लिए उपद्रवी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया।