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पीएम मोदी ने संसद में उच्च स्तरीय बैठक की

मॉनसून  सत्र के जारी रहने के बीच ही सरकारी काम काज चालू

सभी वरीय मंत्री बैठक में मौजूद थे

एनएसए डोभाल भी बुलाये गये थे

सदन का दूसरा काम काज चला

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच, राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल थे।

राज्यसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए पेश किया। बुधवार को लोकसभा द्वारा पारित इस विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक के लिए सजा बढ़ाकर, जांच के लिए एक विशेष कार्य बल का गठन करके और समयबद्ध सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का प्रावधान करके परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के खिलाफ कानूनी ढांचे को मजबूत करना है।

उच्च सदन में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी विचार के लिए रखे जाने का कार्यक्रम है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किया जाना है।

यह घटनाक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई पर विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बीच हुआ है। इससे पहले दिन में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय समिति की मांग की थी। गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, छात्र न्याय के हकदार हैं। हमारे छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरता की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर को मिले दान में कथित गबन का मुद्दा भी उठाया।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पुलिस कार्रवाई पर संसद में बयान और प्रधानमंत्री से माफी की मांग की है। उन्होंने बहस से गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और गृह मंत्री को इस घटना के संबंध में सवालों का जवाब देना चाहिए।