जापान की सरकार का अपराध नियंत्रण की नई नीति
खास किस्म के अपराध पर नकेल की तैयारी
इस तकनीक से हमेशा कहां है, का पता चलेगा
कुछ इलाकों पर जाने पर पाबंदी भी लग जाएगी
टोक्योः जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने महिलाओं और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पीछा करने वाले अपराधियों और बार-बार घरेलू हिंसा करने वालों पर नकेल कसने के लिए एक ऐतिहासिक आपातकालीन नीति की रूपरेखा तैयार की है। इस नई नीति के तहत, स्टॉकिंग और गंभीर उत्पीड़न के मामलों में दोषी ठहराए गए या अदालत द्वारा ज़मानत पर रिहा किए गए अपराधियों के लिए अपने पैरों या कलाई पर चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला जीपीएस जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस पहनना अनिवार्य कर दिया जाएगा। जापान में अपराध नियंत्रण के लिए इस प्रकार की उन्नत तकनीक का यह पहला बड़े पैमाने पर कानूनी अनुप्रयोग होगा।
जापानी न्याय मंत्रालय के अनुसार, यह जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम पुलिस के केंद्रीय निगरानी कक्ष से सीधे जुड़ा रहेगा। यदि कोई अपराधी पीड़ित के घर, कार्यस्थल या अदालत द्वारा निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र के करीब जाने की कोशिश करेगा, तो कंट्रोल रूम में तुरंत ऑटोमैटिक अलर्ट बज उठेगा। इसके साथ ही, पीड़ित के स्मार्टफोन पर भी एक आपातकालीन चेतावनी का संदेश चला जाएगा ताकि वह समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुँच सके। यदि अपराधी ट्रैकिंग डिवाइस को निकालने, उसे क्षतिग्रस्त करने या उसका सिग्नल जाम करने का प्रयास करता है, तो इसे एक नया गैर-जमानती अपराध माना जाएगा जिसके लिए अतिरिक्त जेल की सजा का प्रावधान है।
नागरिक अधिकार समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में जापान में स्टॉकिंग और उससे जुड़ी हिंसा के मामलों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई थी। हालाँकि, कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने निजता के अधिकारों और डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठाए हैं। इसके जवाब में जापानी सरकार ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों का लोकेशन डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सुरक्षा मानकों के तहत ही होगा। संसद में इस विधेयक के पारित होते ही इसे देश भर में लागू कर दिया जाएगा।