अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक अदालत से खुद को अलग किया
हेगः मध्य अफ़्रीकी देश चाड ने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की सदस्यता से आधिकारिक तौर पर अलग होने की घोषणा कर अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। चाड की विदेश नीति परिषद और राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि द हेग स्थित यह अदालत अपनी निष्पक्षता खो चुकी है। चाड सरकार ने आरोप लगाया कि आईसीसी का उपयोग पश्चिमी शक्तियों द्वारा अफ़्रीकी संप्रभु राष्ट्रों के नेताओं को लक्षित करने और उन पर अनुचित राजनीतिक दबाव बनाने के लिए एक औजार के रूप में किया जा रहा है।
चाड के विदेश मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आईसीसी ने दुनिया के अन्य हिस्सों में हुए गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और युद्ध अपराधों पर दोहरा मापदंड अपनाया है, जबकि अफ़्रीकी महाद्वीप के मामलों पर उसका रुख हमेशा कठोर और पूर्वाग्रह से ग्रसित रहा है। चाड का कहना है कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, न्यायिक स्वतंत्रता और आंतरिक सुरक्षा तंत्र की रक्षा के लिए इस संधि से बाहर निकल रहा है। चाड का यह फैसला अफ्रीकी संघ के उन पिछले प्रस्तावों के अनुरूप माना जा रहा है जिनमें आईसीसी की कार्यप्रणाली की आलोचना की गई थी।
आईसीसी के मुख्य अभियोजक और संयुक्त राष्ट्र ने चाड के इस निर्णय पर गहरा खेद व्यक्त किया है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि चाड का यह कदम देश में भावी युद्ध अपराधों और मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में पीड़ितों के लिए न्याय पाने की राह को कठिन बना देगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में उग्रवाद और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। चाड से पहले बुरुंडी जैसे देश भी आईसीसी छोड़ चुके हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि अफ़्रीकी देशों का यह बढ़ता मोहभंग अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक प्रणाली की साख को बड़ा झटका दे सकता है।