पहले की नीति और रणनीति ही आगे जारी रहेगी हमारी
एजेंसियां
कतरः फ़िलिस्तीनी इस्लामी संगठन हमास के नए नियुक्त नेता, खलील अल-हय्या ने बुधवार को संगठन की मौजूदा नीतियों और तयशुदा रणनीतिक राह को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। अपने सार्वजनिक वक्तव्य में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गाजा पट्टी के नागरिकों के लिए एक सम्मानजनक, सुरक्षित और बेहतर जीवन की पुनर्स्थापना करना उनकी सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हमास के नए प्रमुख के रूप में चुने जाने के बाद अपने पहले आधिकारिक संबोधन में अल-हय्या ने गाजा क्षेत्र में इज़राइल के जारी सभी सैन्य अभियानों को तुरंत समाप्त करने, एक व्यापक और पूर्ण युद्धविराम लागू करने तथा फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों से इज़राइली रक्षा बलों की पूर्ण वापसी की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और वैश्विक शक्तियों से आग्रह किया कि वे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता में तैयार किए गए मध्य पूर्व शांति समझौते के तहत इज़राइल पर उसकी तय शर्तों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए कूटनीतिक दबाव बनाएं।
अमरीका द्वारा प्रस्तावित इस शांति योजना में गाजा पट्टी के पुनर्गठन और बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण के लिए हमास के निशस्त्रीकरण को एक मुख्य और अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि, खलील अल-हय्या ने अपने पूरे भाषण के दौरान हथियार डालने या निशस्त्रीकरण के इस अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर न तो कोई टिप्पणी की और न ही इसका कोई प्रत्यक्ष जिक्र किया।
उल्लेखनीय है कि गाजा पट्टी में अक्टूबर 2025 से एक औपचारिक युद्धविराम प्रभावी रहा है, लेकिन इसके बावजूद इज़राइली हवाई हमलों और अन्य छिटपुट सशस्त्र हिंसक घटनाओं में लगातार लोगों की जान जाती रही है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आकलनों और सुरक्षा विशेषज्ञों के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में इज़राइल फ़िलिस्तीनी क्षेत्र के लगभग 65 से 70 फीसद भूभाग पर अपना सैन्य नियंत्रण बनाए हुए है। मध्य पूर्व मामलों के विश्लेषकों का कहना है कि जो शेष फ़िलिस्तीनी इलाके अभी भी हमास के प्रशासनिक अधिकार में बचे हैं, वहां संगठन ने अपनी सत्ता और पकड़ को और अधिक सुदृढ़ कर लिया है।
व्यक्तिगत और राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 65 वर्षीय खलील अल-हय्या का जन्म गाजा पट्टी में ही हुआ था, परंतु उन्होंने अपने जीवन के पिछले कई वर्ष कतर की राजधानी दोहा में व्यतीत किए हैं। बीते वर्ष, इज़राइली वायु सेना ने कतर स्थित हमास के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाते हुए एक लक्षित सैन्य हमला किया था, जिसमें अल-हय्या भी प्रमुख निशानों में शामिल बताए गए थे। इज़राइल द्वारा समय-समय पर किए गए सैन्य हमलों और दोहा स्ट्राइक में अल-हय्या के चार बेटों की मौत हो चुकी है।