इंदौर: नीट (NEET) परीक्षा और छात्रों को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित टिप्पणी का विरोध अब सड़कों से निकलकर उनके घर तक पहुंच गया है। बुधवार को इंदौर में सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पांडे अपनी पत्नी सरिता पांडे के साथ हाथों में भारत के संविधान की प्रतियां लेकर सीधे मंत्री विजयवर्गीय के निवास के बाहर पहुंच गए और अपना विरोध दर्ज कराया।
भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग तोड़कर मंत्री के घर पहुंचे पति-पत्नी
हैरानी की बात यह रही कि भारी पुलिस बंदोबस्त और बैरिकेडिंग के बावजूद, यह दंपत्ति सुरक्षा घेरा पार कर मंत्री के घर तक पहुंचने में पूरी तरह सफल रहा। जैसे ही पति-पत्नी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर पैदल पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया, वहां मौजूद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
सुरक्षा में चूक उजागर, पुलिस ने पति-पत्नी को लिया हिरासत में
पुलिस ने मीडिया से चर्चा कर रहे दोनों पति-पत्नी को तुरंत हिरासत में ले लिया और थाने पहुंचा दिया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने मंत्री विजयवर्गीय की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि उन्हें पहले से ही विशेष सुरक्षा प्राप्त है। प्रदर्शनकारी पति-पत्नी को न पहचान पाने और उन्हें घर तक पहुंचने देने के कारण पुलिस की बड़ी लापरवाही भी खुलकर सामने आई है।
‘छात्रों के आंदोलन को प्रायोजित बताकर किया गया अपमान’
हिरासत में लिए जाने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदर्शनकारी प्रहलाद पांडे और सरिता पांडे ने आरोप लगाया कि मंत्री ने छात्रों के आंदोलन को “प्रायोजित” (Sponsored) बताकर युवाओं और उनके संघर्ष का घोर अपमान किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से सीधे सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन सरकार संवाद करने की बजाय विरोध की आवाज को दबाने का काम कर रही है।
‘वोट मांगने आते हैं, अब पुलिस के जरिए आवाज दबा रहे हैं’
सरिता पांडे ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव के समय यही नेता जनता के दरवाजे पर हाथ जोड़कर वोट मांगने आते हैं, लेकिन जब वही जनता अपने बच्चों के भविष्य और शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगने पहुंचती है, तो उसे पुलिस के जरिए रोक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए थे, लेकिन उन्हें थाने ले जाकर बैठा दिया गया। फिलहाल, परदेशीपुरा थाना पुलिस दोनों प्रदर्शनकारियों से पूछताछ कर रही है। वहीं, मंत्री के निवास तक प्रदर्शनकारियों के इस तरह पहुंच जाने की घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।