खुद को अमेरिका का पूर्व नौसेना अधिकारी बताता है जॉर्डन ब्राउन
-
खदेड़े जाने पर भागने लगा था
-
समुद्र के रास्ते गोवा पहुंचा था
-
सात महीने से बिना पासपोर्ट के था
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल ने एक 36 वर्षीय संदिग्ध अमेरिकी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के नेपाल जाने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कैलिफोर्निया (अमेरिका) निवासी जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई है। सनोली थाना क्षेत्र के मैनहवा इलाके में सीमा स्तंभ संख्या 516 के पास नियमित गश्त के दौरान जब एसएसबी की 22वीं बटालियन ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा बलों ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 31,460 रुपये नकद और दो मोबाइल बरामद हुए, लेकिन कोई पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला।
पूछताछ के दौरान ब्राउन ने दावा किया कि वह अमेरिकी नौसेना का पूर्व अधिकारी है। उसने बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था, जहां उसका पासपोर्ट गुम हो गया। इसके बाद वह समुद्री रास्ते से श्रीलंका और फिर 2 नवंबर 2025 को समुद्री मार्ग से ही भारत (गोवा) पहुंचा। वह पिछले सात महीनों से बिना पासपोर्ट के भारत में रह रहा था। वह गोवा से बेंगलुरु और फिर वहां से नेपाल में प्रवेश करने के इरादे से सनोली सीमा पर पहुंचा था। पुलिस ने उसके दावों की पुष्टि के लिए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक अन्य मामले में, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को आतंकी और युद्ध प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार पांच यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। एनआईए का आरोप है कि ये आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आए और मिजोरम के रास्ते म्यांमार में प्रवेश कर वहां की सैन्य जुंटा के खिलाफ सक्रिय समूहों से जुड़ गए। इन पर इन समूहों को ड्रोन युद्ध और सैन्य तकनीकों का प्रशिक्षण देने का आरोप है, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।