Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
समुद्री प्लास्टिक और मछली जाल से बन रही सड़क, देखें वीडियो Physical Intelligence in India: भारत में आई नई तकनीक, MEIL और Analog की साझेदारी से बदलेगा इंफ्रास्ट... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर पुलिस पर उठे सवाल, हत्या के नामजद आरोपी अधिकारी को मिली नई जिम्मेदार... Voter List Revision: मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) पर मौलाना अरशद मदनी ने जताई चिंता, प्रक्रिया पर ... Karnataka High Court: वकील के साथ मारपीट करने वाली महिला PSI पर कोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख का जुर्माना Supaul News: बिहार के सुपौल में मानवता शर्मसार, 1 साल तक कमरे में बंद रही नाबालिग बच्ची; मां को बेचन... Supreme Court PIL: डिजिटल कंटेंट के लिए रेगुलेटरी सिस्टम की मांग, '₹370 की बिरयानी' विवाद पर सुप्रीम... CM Dr. Mohan Yadav in Seoni: सिवनी को मिली 494 करोड़ की सौगात, सीएम यादव ने बांटे कोदो-कुटकी बोनस Jaunpur News: दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के एक लाख के इनामी आरोपी भोले राजभर ने किया सरेंडर Monsoon Update: 'अल नीनो' के खतरे पर पीएम मोदी सख्त, राज्यों को पानी बचाने और आपदा प्रबंधन के लिए कि...

Bhilai Steel Plant News: JLN अस्पताल के निजीकरण की चर्चा से हड़कंप, कर्मचारियों ने किया जोरदार प्रदर्शन

भिलाई स्टील प्लांट (BSP), जिसे ‘भारत की स्टील सिटी’ के रूप में जाना जाता है, इस समय अपने जेएलएन (JLN) अस्पताल के कथित निजीकरण की खबरों को लेकर चर्चा में है। अस्पताल को निजी हाथों में सौंपे जाने की चर्चा जैसे ही फैली, बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने अस्पताल के सामने उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारियों और यूनियन नेताओं का साफ कहना है कि यह अस्पताल हजारों संयंत्र कर्मियों, उनके परिवारों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक जीवनरेखा है, जिसका निजीकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

📉 निजीकरण ही विकल्प क्यों? कर्मचारियों ने उठाए सवाल

यूनियन का आरोप है कि बीएसपी प्रबंधन ने पहले भी स्कूलों के निजीकरण के नाम पर कर्मचारियों को महंगी शिक्षा का बोझ दिया है। अब अस्पताल के निजीकरण से स्वास्थ्य सेवाएं महंगी होंगी, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की पहुंच से बाहर हो जाएंगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अस्पताल की स्थिति बिगड़ने के लिए निजीकरण नहीं, बल्कि प्रबंधन की उदासीनता और पर्याप्त पदों पर भर्तियों का न होना जिम्मेदार है।

👩‍⚕️ ‘नया स्टाफ भर्ती करें, न कि निजीकरण’

जेएलएन अस्पताल की डॉ. पार्कर ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में आधुनिक मशीनें, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी स्टाफ पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि निजीकरण की जगह अस्पताल की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग कर्मियों और तकनीकी विशेषज्ञों की तत्काल भर्ती की आवश्यकता है।

📢 बड़े आंदोलन की चेतावनी

यूनियन ने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के स्थान पर नए लोगों की नियुक्ति नहीं की गई, जिससे सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कर्मचारी संघों ने चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, तो सभी यूनियनें मिलकर एक व्यापक और उग्र आंदोलन करेंगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रबंधन की होगी।