Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ramgarh Murder Case: सब-रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्या मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार, 24 घंटे में रा... नाइजीरिया में 37 स्कूली छात्रों का अपहरण Jharkhand Delimitation: परिसीमन के मुद्दे पर गरमाई झारखंड की सियासत, आदिवासी आरक्षित सीटें घटने की आ... Ranchi Traffic News: जून में टूटा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का रिकॉर्ड, 9.50 करोड़ रुपये का जुर्माना ... सिर्फ पंजीकरण से नहीं मान्य होगा हिंदू विवाह Latehar News: आजादी के 78 साल बाद भी गवालखाड़ गांव में नहीं पहुंची बुनियादी सुविधाएं, सड़क-पानी के लि... Jamshedpur News: हिमांशु हत्याकांड पर गरमाई सियासत, रघुवर दास ने की जमशेदपुर बंद की घोषणा; पुलिस पर ... इथेनॉल पर बवाल मचा तो पलट गये खुद अटॉर्नी जनरल ही Ranchi Crime News: डॉक्टर के घर दिनदहाड़े 50 लाख की चोरी, मात्र 10 मिनट में चोरों ने किया हाथ साफ डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो से कमाये 1.2 बिलियन

Bilaspur News: NH-130 मुआवजा विवाद में किसानों की बड़ी जीत, कोर्ट ने 26 लाख रुपये भुगतान के दिए आदेश

बिलासपुर-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130) निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा मामले में जिला अदालत ने किसानों के हक में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ग्राम मेलनाडीह के महेश, कार्तिक और रेखा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साल 2018 में पारित अवार्ड के अनुसार 26 लाख 63 हजार 199 रुपये की मुआवजा राशि निर्धारित ब्याज सहित 45 दिनों के भीतर देने का निर्देश दिया है।

🔍 क्या था पूरा मामला?

यह विवाद खसरा नंबर 61/4 की 0.061 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण से जुड़ा था। साल 2018 में इस भूमि का मुआवजा आवेदकों के पक्ष में स्वीकृत किया गया था। हालांकि, बाद में प्रताप सिंह नेताम नामक व्यक्ति ने भूमि और मकान पर अपना मालिकाना हक जताते हुए भुगतान पर आपत्ति दर्ज करा दी थी, जिसके कारण लंबे समय तक मुआवजा राशि रुकी हुई थी।

📜 न्यायालय में साक्ष्यों की परख

सुनवाई के दौरान आवेदकों के अधिवक्ता नेल्सन पन्ना ने राजस्व अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए। न्यायालय ने पाया कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि आवेदकों के नाम पर ही दर्ज है, जबकि प्रतिवादी अपने दावे के पक्ष में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहे। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि मुआवजा अवार्ड जारी होने के करीब नौ माह बाद आपत्ति दर्ज की गई थी, जो तथ्यों से मेल नहीं खाती थी।

💰 ब्याज सहित मिलेगा मुआवजा

न्यायालय ने 18 फरवरी 2022 को सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश को निरस्त कर दिया और स्पष्ट किया कि आवेदक ही भूमि के वैध स्वामी हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि 26.63 लाख रुपये की राशि का भुगतान ब्याज सहित 45 दिनों के भीतर किया जाए। साथ ही, दोनों पक्षों को अपना कानूनी खर्च स्वयं वहन करने का निर्देश दिया गया है।