रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम में सोमवार को किसानों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में हो रहे इस किसान महाआंदोलन में बड़ी संख्या में किसान पावर हाउस रोड स्थित सब्जी मंडी में एकत्रित हुए हैं। यहाँ से रैली निकालते हुए किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करेंगे और राज्यपाल के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
📋 महाआंदोलन का कारण: खाद और ई-टोकन की मार
किसान इस आंदोलन के माध्यम से प्रदेश में खाद की भारी किल्लत और डिजिटल व्यवस्था में आ रही दिक्कतों को उजागर कर रहे हैं। प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं:
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खाद की अनुपलब्धता: प्रदेश भर में किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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ई-टोकन व फार्मर आईडी: सरकार द्वारा खाद वितरण के लिए लागू की गई ‘ई-विकास पोर्टल’ और ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए सिरदर्द बन गई है। किसानों का कहना है कि उनकी ‘फार्मर आईडी’ जनरेट नहीं हो पा रही है, जिसके कारण वे खाद प्राप्त करने में असमर्थ हैं।
🛡️ प्रशासन अलर्ट और पुलिस मुस्तैद
किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए रतलाम पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात है और कलेक्ट्रेट परिसर में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक अधिकारी किसानों की मांगों को सुनने और ज्ञापन लेने के लिए तैयार हैं।
💻 ई-टोकन व्यवस्था: समाधान या नई चुनौती?
मध्य प्रदेश सरकार ने खाद की कालाबाजारी रोकने और वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए ई-टोकन की डिजिटल व्यवस्था लागू की थी। इसका उद्देश्य किसानों को लंबी लाइनों से बचाना था, ताकि वे घर बैठे खाद प्राप्त कर सकें। हालांकि, जमीनी स्तर पर तकनीकी खामियों और पोर्टल की जटिलताओं के चलते यह व्यवस्था फिलहाल किसानों के लिए राहत के बजाय परेशानी का सबब बनी हुई है।